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आवाज: कोरोना के कहर से व्यवसाय चौपट, आहत कारोबारियों ने अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

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संवाददाता
हरिद्वार- कोरोना वायरस के विश्वव्यापी संकट के चलते उत्तराखंड में भी आम आदमी का जीना दुश्वार हो गया है। लॉकडाउन की वजह से जहां एक तरफ लोगों के रोजगार छिन गए वहीं कई तरह के कारोबार भी चौपट हो गए। हरिद्वार में ट्रेवल्स एवं होटल व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी भी लॉकडाउन की मार से आहत हैं। हताश और और आक्रोशशित  कारोबारियोंं ने शहर में अर्द्धनग्न होकर राज्य सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर इकट्ठा हुए, उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से पोस्ट ऑफिस तक भीख मांग कर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन करने वाले ट्रेवल्स व्यवसायी विभाष मिश्रा का कहना था कि कोरोना के चलते ट्रेवल्स व्यवसाय और होटल व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो गया है। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि ट्रेवल्स व्यवसाइयों के तन पर कपड़े भी नहीं बचे हैं। सबके सामने भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार सरकार से 2 साल का टैक्स और बैंक की 1 साल की ईएमआई माफ करने की मांग कर रहे हैं। इसी मुुुद्दे को  लेकर आज उन्होंने सरकार को जगाने के लिए यह धरना प्रदर्शन किया है । ट्रेवल्स व्यवसायी राजीव चौधरी ने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले व्यवसाय के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगेंं नहीं मानी तो ट्रेवल्स व्यवसायी उग्र आंदोलन को विवश होगा। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। बंटी भाटिया ने कहा कि अब तो भीख मांगकर खाने की नौबत आ गई। सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए, कब तक ऐसे हालात रहेंगे। इस अवसर पर चंद्रकांत शर्मा, संजय शर्मा, राजीव चौधरी, नितिन गुप्ता, अभिषेक अहलूवालिया, निर्मल सिंह, इकबाल सिंह, परीक्षित जोशी, विजय शुक्ला, गौरव बघन, राजेश त्यागी, अमित ओबेरॉय, भुवन, मोहन, नदीम, नसीम, सतीश शर्मा आदि सैकड़ों शामिल थे।