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शर्मनाक: हादसे में घायल की मदद नहीं की लोगों ने,  इलाज़ में हुई देरी से युवक की दुखद मौत

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संवाददाता
हल्द्वानी, 15 नवंबर। हादसे के तमाशबीन लोंगो ने अगर थोड़ा सा भी इंसानियत दिखाई होती तो शायद एक नौजवान को असमय मौत के मुंह में जाने से रोका जा सकता था। लेकिन आज की मतलबपरस्त दुनिया में कोई भी आदमी किसी दूसरे के कारण किसी भी तरह के लफड़े में  नहीं फंसना चाहता है। यहां ऐसा ही कुछ देवलचौड़ निवासी ललित के साथ हुआ। सड़क हादसे में घायल ललित को अगर कुछ लोग समय पर हॉस्पिटल पहुँचा देते तो शायद एक घर के चिराग को बुझने से बचाया जा सकता था। लेकिन उन्हें जरा भी गुमान न रहा होगा कि उनकी बेपरवाही किसी परिवार की दीपावली को मौत के मातमी अंधेरे में डुबो देगी ।
 इंसानियत के संवेदनशून्य हो जाने की तस्दीक करने वाला यह मामला  दीवाली की सुबह यानी शनिवार का है। यहां बाइक सवार एक युवक हादसे में घायल हो कर सड़क पर तड़पता रहा और आते जाते लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा लेकिन युवक की मदद करने को कोई आगे नहीं आया। निराश होकर उसने खुद अपने मालिक को फोन कर घायल हो जाने की सूचना दी और अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाई। मालिक ने आकर उसे सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। समय पर उपचार न मिल पाने की वजह से उसकी मौत हो गई। और ठीक दिवाली के दिन एक घर का चिराग बुझ गया।
पुलिस के अनुसार, जीतपुर नेगी स्थित बस्ती निवासी 22 वर्षीय ललित कुमार आर्य पुत्र टीकम आर्य देवलचौड़ स्थित एक रेस्टोरेंट में कारीगर की नौकरी करता था। शनिवार सुबह वह अपने साथी के साथ बाइक से दूध लेने के लिए गन्ना सेंटर के किसी गाँव जा रहा था। इस बीच रामपुर रोड गन्ना सेंटर से कुछ दूर पहले सामने से आ रहे तेज रफ्तार टेंपो ने बाइक पर टक्कर मार दी। हादसे में ललित के सीने और सिर पर गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि सड़क पर पड़े गंभीर रूप से घायल ललित को देखने के बावजूद लोगों ने उठा कर उसे अस्पताल पहुँचाने की जहमत तक नहीं उठाई। लोगों की बेरुखी से निराश घायल ललित ने ही अपने फोन से रेस्टोरेंट मालिक अंकित नेगी को फोन किया। इसके बाद मालिक अंकित नेगी ने मौके पर पहुँच कर ललित को एसटीएच पहुँचाया। जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर मेडिकल चौकी प्रभारी मनवर हुसैन ने पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस घटना से जहां मृतक युवक का परिवार सदमे में है वहीं घटना के वक्त मौजूद लोगों की बेरुखी को लेकर भी शहर भर में आलोचना की जा रही है।