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​मिसाल: वाह, इसे कहते हैं जनसेवक, डीएम ने उठाया अनाथ बच्ची की पढ़ाई का बीड़ा 

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बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए बालिका को दिए ढाई लाख रुपये
 संवाददाता
हल्द्वानी, 13 अक्टूबर। अभावों  के बावजूद पढ़ने की ललक रखने वाली एक अनाथ बेटी की मदद  के लिए  डीएम फरिश्ता बनकर सामने आ गए। दरअसल, काठगोदाम निवासी बालिका कोमल राणा कुछ साल पहले अपने माता-पिता को खो चुकी थी। जैसे-तैसे कोमल ने 12 वीं तक पढ़ाई  प्रथम श्रेणी के साथ प्राप्त की। आगे की पढ़ाई कर पाना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के एक कार्यक्रम में कोमल राणा ने जिलाधिकारी सविन बंसल से मुलाकात की और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करने की तमन्ना जाहिर की।

गरीब बेटियों की शिक्षा के प्रति बेहद संजीदा जिलाधिकारी सविन बंसल ने कोमल की शिक्षा का बीड़ा उठाया और कोमल राणा का पाल काॅलेज में बीएससी नर्सिंग में दाखिला करा दिया। इसके साथ ही चार वर्षीय कोर्स की फीस के ढाई लाख रुपये जिलाधिकारी बंसल ने स्वयं जमा करा दिए हैं। डी एम  बंसल का कहना है कि कोमल धनराशि के अभाव में पढ़ाई नहीं कर पा रही थी। शिक्षित बच्चियां समाज का स्तम्भ हैं तथा परिवार में ज्ञान की रोशनी बिखेरती हैं।
जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी रामनगर शिल्पा जोशी को निर्देशित कर कोमल राणा का पाल नर्सिंग काॅलेज में चार वर्षीय कोर्स में दाखिला करवाकर अपना वादा पूरा किया। कोमल की ड्रेस व किताबों का खर्च बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना से वहन किया जाएगा। डीएम सविन बंसल  की इस दरियादिली की लोग बहुत सराहना कर रहे हैं।