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स्त्री चेतना: कपड़ों के रंग से महिलाओं का आकलन किया जाना गलत- नेहा कुशवाहा

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संवाददाता
डोईवाला ( देहरादून )।
‘महिलाओं को कभी भी उनके कपड़ों के कलर से जज न करें, क्या एक बुजुर्ग महिला चटख रंग नहीं पहन सकती ? जरूरत है लोगों को अपनी सोच बदलने की।’ ये विचार हैं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेेेहा कुुशवाहा के, जो उन्होंने महिला  सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के बाल विकास परियोजना डोईवाला के माजरी क्षेत्र में बुधवार को आयोजित “हिंसा के अंधेरे से आशा के उजियारे तक कार्यक्रम” में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। कार्यक्रम की खास बात ये रही कि इस मौके पर  महिलाएं मांगल गीतों पर जमकर झूमीं। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नेहा कुशवाहा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विशिष्ट अतिथि नितिन रावत मुख्यमंत्री के सोशियल मीडिया प्रभारी, अखिलेश मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग ने दीप प्रज्वलन कर के किया। इस अवसर पर नेहा कुशवाहा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि महिलाओं को जो कलर पसंद है, वो पहनें। दूसरे कौन होते हैं डिसाइड करने वाले। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं को अधिकारों, कानूनों व अधिनियमों से संबंधित जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि किसी कार्य का यदि किसी भी विभाग के द्वारा समाधान नहीं किया जाता है तो विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आवेदन करें। प्राधिकरण द्वारा संबंधित विभाग को समस्या का समाधान करने के लिए भी निर्देशित किया जाता है, जिससे महिला को आसानी से न्याय मिल सके।
इस मौके पर नमिता गुप्ता, आन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा मासिक धर्म के बारे में बताया गया।बाल विकास परियोजना अधिकारी अंजू डबराल ने प्रधान मंत्री मातृ वन्दना योजना एवं DIR फॉर्म से संबंधित जानकारी दी। महिला शक्ति केंद्र से सरोज ध्यानी, वैभवी डोरा द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई जिसमें वन स्टॉप सेंटर, राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन (181),चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) पुलिस हेल्पलाइन नंबर (1090) जेंडर भेदभाव, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नन्दा गौरा योजना की के बारे में बताया गया साथ ही ,वन स्टॉप सेंटर से अधिवक्ता फ़िरदौस अली के द्वारा महिलाओं के साथ संवाद, समस्याओं और समाधान से संबंधित जानकारी दी गई। श्री नितिन रावत, मुख्यमंत्री के सोशियल मीडिया प्रभारी ने कहा कि महिलाएं जब आत्म निर्भर होंगी तभी देश तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा। कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं के उत्साह और जानकारी के स्तर को देखते हुए यह प्रतीत होता है कि वह दिन दूर नहीं जब घरेलू हिंसा जैसी कार्यशालाओं की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
कार्यक्रम में मांगल गीत एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं का उत्साह बढ़ाया गया। इस मौके पर महिलाएं झूम उठीं।
साथ ही कार्यक्रम में 35 बालिकाओं का हीमोग्लोबिन चैकअप कर आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां भी वितरित की गई। कार्यक्रम में क्षेत्र की सुपरवाइजर इशिता कठैत, यशोदा बिष्ट एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां शीला,अर्चना,पूनम, सोमबाला,सुमन आदि भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में इंस्पिरेशन एवं पीआर इवेंट्स की ओर से सहयोग किया गया।