Home उत्तराखंड आवाज़: किसान विरोधी अध्यादेशों की प्रतियां जलाकर व्यक्त किया गया विरोध 

आवाज़: किसान विरोधी अध्यादेशों की प्रतियां जलाकर व्यक्त किया गया विरोध 

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संवाददाता
देहरादून, 14 सितंबर।
हरियाणा में किसानों पर
बर्बर लाठीचार्ज तथा मंडी/ एम.एस.पी.(न्यूनतम समर्थन मूल्य) नहीं छोडे़गे, ठेका खेती नहीं मानेंगे, जमीन कारपोरेट्स को नहीं देंगे, बिजली का निजीकरण और बर्बर दमन नहीं सहेंगे आदि मांगों के साथ सोमवार को  देशव्यापी विरोध दिवस के अवसर पर किसान विरोधी अध्यादेशों की प्रतियां जलाकर विरोध व्यक्त किया गया। यहां दीनदयाल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज पूरे देश की तरह हमारे राज्य में भी किसान इन अध्यादेशों का जोरदार विरोध कर रहे हैं ताकि संसद में सरकार को इसे कानून बनाने से रोका जा सके। आज मोदी सरकार की किसान विरोधी, तानाशाही सोच के खिलाफ देश भर के किसान सड़कों पर हैं। वक्ताओं ने कहा कि यदि अध्यादेश कानून की शक्ल लेते हैं तो निश्चित तौर पर कृषि क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की घुसपैठ हो जाएगी तथा इनका एकाधिकार हो जाऐगा। सरकार खुदरा बाज़ार तथा मण्डियों पर प्रतिबन्ध लगाकर कोरपोरेट को खुली लूट की छूट दे रही है ।कारपोरेट खेती को बढ़ाकर आवश्यक वस्तु अधिनियम को बदलकर कारपोरेट को मनचाहा भण्डारण करने की खुली छूट दी जाएगी । जिस कारण खाद्य सामग्री अत्यधिक मंहगी हो जायेगी, बिजली का भी निजीकरण करके प्रिपेड मीटर लगाने के आदेश जारी होने वाले हैं। हरियाणा में किसानों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए वक्ताओं ने किसानों के आन्दोलन के साथ एकजुटता का इज़हार किया। कार्यक्रम में किसान सभा, उत्तराखण्ड सर्वोदय मण्डल, वन जन श्रमजीवी यूनियन, स्वराज पार्टी, भूतपूर्व सैनिक, वन गुजर, उत्तराखण्ड सीएमडी, पीपुल्स फोरम, दस्तक आदि संगठन शामिल रहे। इस अवसर पर सुरेन्द्र सिंह सजवाण, हरवीर कुशवाहा, पीसी थपलियाल, बच्चीराम कौंसवाल, एस एस पांगती(पूर्व आयुक्त), 
डाॅ जितेन्द्र भारती, विजय शंकर शुक्ला, बीजू नेगी, जयकृत कण्डवाल, दलजीत सिंह, सतीश धौलाखण्डी, याकूब अली, यू एन बलूनी, अनन्त आकाश, कमरूद्दीन, राजेन्द्र पुरोहित, प्रदीप, कृष्ण सिंह, अनूप सिंह आदि बडी़ संख्या में किसान और  सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।