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दुष्कर्म कांड:  पीड़ित महिला द्वारा पेश डीएनए रिपोर्ट निकली फर्जी, पुलिस जांच में हुआ खुलासा  

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संवाददाता

देहरादून, 02 सितंबर। उत्तराखंड की सियासत में भूचाल लाने वाले  भाजपा विधायक दुष्कर्म मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में विधायक महेश नेगी पर दुष्कर्म  का आरोप लगाने वाली महिला की ओर से शिकायत के साथ दी गई डीएनए रिपोर्ट फर्जी पाई गई है। इस बात  का खुलासा सीओ सदर अनुज कुमार की जांच रिपोर्ट में हुआ है। महिला ने अपनी शिकायत में विधायक की डीएनए जांच कराए जाने की मांग भी की है।
गौरतलब है  पिछले दिनों एक महिला के खिलाफ भाजपा विधायक महेश नेगी की पत्नी ने ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाते हुए नेहरू कालोनी थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि महिला 5 करोड़ रुपए की मांग कर रही है। विधायक की पत्नी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद आरोपी महिला ने भी थाने में तहरीर दी थी। उसने आरोप लगाया था कि विधायक ने उससे दुष्कर्म किया  जिससे उनकी एक बेटी भी है। उसने यह भी कहा कि बेटी और पति का डीएनए कराने पर बेटी का डीएनए पति से मैच नहीं हुआ। यह बेटी विधायक की है। उसने विधायक और बेटी का डीएनए कराने की मांग पुलिस से की। एसएसपी देहरादून ने मामले की जांच सीओ सदर अनुज कुमार को सौंपी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में महिला की बेटी हुई थी। उसी केंद्र से महिला ने डीएनए कराने की बात कही थी। लेकिन, पुलिस की जांच में सामुदायिक केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि महिला की बच्ची उसी स्वास्थ्य केंद्र हुई। लेकिन, बच्ची और महिला के पति का डीएनए न किए जाने की बात कही है। जांच अधिकारी सीओ सदर ने जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है।

इस मामले में उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी पुलिस को महिला के आरोपों की जांच करने को कहा था। इस पर पुलिस ने आयोग को भी रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें फर्जी डीएनए की बात कही गई है। ऐसे में आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने बच्ची का गैरकानूनी रूप के डीएनए कराने पर कार्रवाई के लिए कहा है। दूसरी ओर, बार बार बुलाए जाने के बावजूद आरोप लगाने वाली महिला उत्तराखंड राज्य महिला आयोग में अपने बयान दर्ज कराने नहीं आ रही है। आयोग अब पुलिस के माध्यम से महिला को पेशी पर बुलाने पर विचार कर रहा है।