Home उत्तराखंड राहत: वाहन से संबंधित दस्तावेजों के नवीनीकरण की अवधि 31 दिसंबर तक...

राहत: वाहन से संबंधित दस्तावेजों के नवीनीकरण की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई

200
0
संवाददाता
देहरादून- वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन के कारण आरटीओ से संबंधित काम न करा पाए लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अनलॉक के दौरान प्रदेश में जब अब सभी प्रकार के वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। इसलिए परिवहन से जुड़े विभागों में भारी भीड़ जमा होने से सोशल डिस्टेंसिंग  के नियमोंं का पालन नहीं हो पा रहा है।इन मुश्किलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने लोगों को अब कुछ राहत दी है।
केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण, परमिट, फिटनेस प्रणामपत्र आदि के नवीनीकरण कराने की अवधि बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2020 तक कर दी है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 24 अगस्त को सभी राज्यों के परिवहन विभाग के प्रमुख सचिवों व परिवहन आयुक्तों के अलावा पुलिस महानिदेशकों को परामर्श जारी किया है।
केंद्र सरकार के आदेशों के अनुसार, बगैर नवीनीकरण हुए ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, पंजीकरण प्रणाम पत्र और वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र आदि दस्तावेजों को वैध माना जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिवहन दस्तावेजों के नवीनीकरण के अभाव में पुलिस, यातायात पुलिस अथवा परिवहन विभाग के अधकारी ऐसे वाहन चालकों को तंग नहींं करेंगे और न ही चालान काटेंगे।
 इस परामर्श के जारी होने के बाद उत्तराखंड के परिवहन सचिव शैलेश बगोली का कहना है कि यह व्यवस्था राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू होगी। प्रमाणपत्र के दायरे में फिटनेस सहित सभी परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन जैसे सभी प्रकार के प्रमाणपत्र हैंं।
वहीँ अपर आयुक्त परिवहन सुनीता सिंह ने बताया कि फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और वाहन संचालन से संबंधित  ऐसे दस्तावेज,  जिनकी वैधता की समय सीमा 1 फरवरी से  30 सितम्बर तक की अवधि में समाप्त हो रही है, उनकी वैधता 31 दिसंबर तक बड़ा दी गयी है।
 उन्होंने बताया कि वाहन का बीमा न होने की स्थिति में 2 से 4 हज़ार रुपए का जुर्माना व तीन माह की जेल का प्रावधान यथावत है।