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आवाज़: बढ़ती मंहगाई व बेरोजगारी के खिलाफ वामपंथी पार्टियों का जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

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डीएम को सौंपा राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन
 

संवाददाता

देहरादून, 30 जून। बेलगाम मंहगाई तथा बेरोजगारी के खिलाफ वामपंथी दलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को  देहरादून में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने सीपीएम ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और उत्तराखंड के राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया।
इस अवसर पर आयोजित सभा में सीपीएम नेताओं ने राष्ट्रपति से मांग की कि मोदी सरकार को बेतहाशा मंहगाई, पैट्रो पदार्थों की बेतहाशा मूल्यवृद्धि तथा दवाओं के दामों में अविलंब नियंत्रण के लिए निर्देशित करें। वक्ताओं ने कहा  कि मोदी सरकार इस कोविड संक्रमण काल में आम आदमी की मदद करने के बजाय मूल्यवृद्धि करने के साथ ही रोजगार के मसले पर कोई कदम नहीं उठा रही है। इससे लोगों का जीवन दूभर हो गया है।
वक्ताओं ने कहा कि विश्व के अनेक देशों के साथ हमारे देश में केरल व अन्य कुछ राज्य सरकारों की ओर से इस संक्रमण काल में आमजन की भरपूर मदद का प्रयास किया गया। वहीं, केन्द्र सरकार के पास अपार संशाधन व अधिकार होने के बावजूद इसका लाभ देश के चंद कारपोरेट एवं सत्ता से जुडे़ राजनेताओं का नापाक गठबंधन को मिल रहा है। वक्ताओं ने कहा  कि इस कोरनाकाल में देश के चन्द पूंजीपतियों की सम्पत्ति आसमान छू रही है। इसी प्रकार दवाओं के दाम दिनोंदिन अनियंत्रित होते जा रहे हैं, जिसपर नियंत्रण पाना जनहित में जरूरी हो गया है। यदि सरकार इस पर कार्यवाही नहीं करती है, तो पार्टी व्यापक संघर्ष के लिए बाध्य होगी।
ज्ञापन में पार्टी की तरफ से निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई गई हैं-

-बढ़ती मंहगाई में अविलंब रोक लगे ।
-खाद्य एवं पैट्रो पदार्थों जैसे पेटोल, डीजल,गैस के दाम नियंत्रित हों।
-आसमान छू रहे सरसों, रिफाइंड तेल के दाम कम किये जाएं।
-सभी को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करते हुए दवाओं के दामों को नियंत्रित किया जाए।
-सभी को निशुल्क कोरना वैक्सीन के टीके लगाऐ जांए। वैक्सीन की कालाबाजारी पर रोक लगे।
-प्रत्येक जरूरतमन्द व्यक्ति को प्रतिमाह निशुल्क 10 किलो खाधान्न के अलावा दाल, खाद्य तेल, मसाले,चाय आदि आवश्यक सामग्री का किट निशुल्क उपलब्ध करवाया जाय।
– कोरना काल में बेरोजगार एवं आंशिक रूप से बेरोजगार हो चुके सभी लोगों की समुचित आर्थिक सहायता राज्य एवं केन्द्र सरकार की ओर से दी जाए।
-कोरना काल में सभी जरूरतमंद परिवारों की स्कूल फीस, बिजली, जल, सिवर, सिंचाई बिल माफ किए जाएं। तथा बैंकों ऋण पर को ब्याज मुक्त किया जाए ।
-सभी निजी एवं सरकारी तथा निगम कर्मचारियों का वेतन, भत्तों तथा पेंशन का तत्काल भुगतान हो।
-तीन किसान विरोधी तथा श्रम विरोधी कानून वापस लिऐ जाएं।
-व्यापक जनहित को देखते हुऐ आइडीपीएल ऋषिकेश को अविलंब पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाऐ।
-देहरादून में लच्छीवाला, नेपाली फार्म हाउस, राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगे टौल प्लाजा में टैक्स के नाम हो रही बसूली पर रोक लगायी जाए।
-हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान फर्जी कोरना टैस्ट घोटाले के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाऐ।
प्रदर्शन में  सीपीएम के राज्य सचिव राजेन्द्र सिंह रावत, सुरेन्द्र सिंह सजवाण, जिलासचिव राजेन्द्र पुरोहित, शिवप्रसाद देवली, इन्दु नौडियाल, लेखराज, अनन्त आकाश, कमरूद्दीन, माला गुरूंग, शम्भूप्रसाद ममगांई, किशन गुनियाल, सुधा देवली, नितिन मलैठा, नुरैशा अंसारी, यूएन बलूनी, इन्द्रेश नौटियाल, मामचंद, रविन्द्र नौडियाल, विजय भट्ट, भगवन्त पयाल, विनोद खण्डूरी, अतुल कुमार, सैदूल्लाह, राजेन्द शर्मा, रामराज, गुरू प्रसाद पेटवाल आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।