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राज-काज: रक्षामंत्री ने किया पुलों का लोकार्पण, पुल निर्माण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण-सीएम

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संवाददाता
देहरादून, 28 जूून। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नेे सोमवार को  चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़कों पर नवनिर्मित चार पुलों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  लोकार्पण किया। इनमें एक स्पान पुल, जबकि तीन बैली ब्रिज शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी ऑनलाइन जुड़े।तीरथ सिंह रावत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से किए गए लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअल हिस्सा लेने के बाद कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में पुल निर्माण सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। बीआरओ ने दुर्गम क्षेत्रों में दिन रात ठंड और बर्फवारी में भी काम कर छह पुलों का निर्माण किया। यह बहुत साहसिक और सराहनीय कार्य है। इन पुलों के निर्माण से क्षेत्रीय जनता के साथ ही सैन्य गतिविधियों को सुविधा मिलेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लद्दाख से देश में बीआरओ द्वारा निर्मित 75 पुल और सड़कों का वर्चुअल लोकार्पण कर देश को समर्पित किया। इनमें राज्य के छह पुल शामिल हैं।सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ये पुल चीन सीमा तक सेना की पहुंच आसान करेंगे, साथ ही सीमांत के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। बीआरओ के हीरक परियोजना के चीफ इंजीनियर एमएनवी प्रसाद ने बताया कि पुलों का निर्माण  जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर किया गया है।तवाघाट-घटियाबगड़ मार्ग पर जुंतीगाड़ में 140 फीट ट्रिपल सिंगल रीइंसफोर्स्ड बैली ब्रिज, जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर किरकुटिया नाला पर 180 फीट डबल-डबल रीइंसफोर्स्ड बैल ब्रिज और मुनस्यारी-बोगडियार-मिलम मोटर मार्ग पर लास्पा नाले पर 140 फीट डबल-डबल रीइंसफोर्स्ड बैली ब्रिज का निर्माण किया गया है।इन पुलों का ऑनलाइन शुभारंभ सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। लास्पा नाले में बना बेली ब्रिज उच्च हिमालयी क्षेत्र में है। जौलजीबी-मुनस्यारी-मिलम और तवाघाट-घट्टाबगड़ सड़कें सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन पुलों के निर्माण से चीन सीमा तक भारत की पहुंच और अधिक मजबूत होगी। प्रवास पर जाने वाले धारचूला और मुनस्यारी के स्थानीय नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी और पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ेंगी।