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​राज-काज: 92 हजार किसानों को दिया 601 करोड़ रुपए का ऋण, राज्यमंत्री ने बैठक में दी जानकारी

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वी.पी.सिंह बिष्ट
देहरादून, 30 सितम्बर।
सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध उत्पादन एवं प्रोटोकाॅल (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभा कक्ष में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बहुउद्देशीय पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, ह्यूमन रिसोर्स पाॅलिसी, इंश्योरेन्स और री-फाइनेंशिंग, पंडित दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना सहित नवीन बैंक शाखाओं के खोले जाने के संबंध में विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट तलब की। इस दौरान डाॅ. रावत ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी तक सहकारी बैंकों के द्वारा दीन दयाल किसान कल्याण योजना के तहत राज्य के 92 हजार किसानों को 601 करोड़ का ऋण वितरित किया जा चुका है। जिसके अंतर्गत तीन श्रेणियों अल्पकालनी, मध्यकालीन व स्वयं सहायता समूह की 1 लाख, 3 लाख एवं 5 लाख की धनराशि तक के ऋण शामिल हैं। विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने बताया कि 15 अक्टूबर के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के द्वारा राज्य के सभी 13 जनपदों में किसानों को ऋण वितरण किये जाने के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे साथ ही विभाग द्वारा राज्य के समस्त 95 विकासखंडों में भी ऋण वितरण समारोह आयोजित किये जायेंगे।
बैठक में एनसीडीसी की राज्य प्रमुख दीपा श्रीवास्तव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा राज्य में स्वीकृत 100 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) स्थापित किये जाने की कार्यवाही गतिमान है। जिसके लिए सहकारिता विभाग को समितिवार प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने को निर्देशित किया गया है। राज्य के 670 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के कम्प्यूटराइजेशन का कार्य कर रही संस्था आई.टी.आई के प्रतिनिधि जी.सी राजेश बताया कि माह नवम्बर में कम्प्यूटराइजेशन का कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। वर्तमान में संस्था के कार्मियों ने 506 से अधिक समितियों का डाटा चेक कर लिया है बाकी समितियों में कार्य गतिमान है। इसी प्रकार डेयरी विभाग के निदेशक एवं संयुक्त निदेशक द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। जबकि सहकारिता विभाग के निबंधक बी.एम.मिश्रा एवं अपर निबंधक ईरा उप्रेती द्वारा सहकारिता विभाग द्वारा संचालित तमाम योजनाओं की जानकारी दी गई। राज्य सहकारी बैंक की ओर महाप्रबंधक एन.पी.एस ढाका ने ऋण वितरण संबंधी आख्या बैठक में रखी। नाबार्ड के डीजीएमएस. एल. बिरला ने समितियों के इंश्योरेन्स, री-फाइनेंशिंग तथा स्वीकृत ऋणों के आय-व्यय की जानकारी देते हुए बताया समितियों के कम्प्यूटराइजेशन के लिए निर्धारित गाइडलाइन्स का पालन किया जाना आवश्यक है।
बैठक में निबंधक सहकारिता बी.एम. मिश्रा, निदेशक दुग्ध विकास विभाग जे.एस. नागन्याल, एनसीडीसी की राज्य प्रमुख दीपा श्रीवास्तव, महाप्रबंधक नाबार्ड भास्कर पंत, डीजीएम नाबार्ड एस. एल. बिरला, अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, संयुक्त निदेशक डेयरी जयदीप अरोड़ा, प्रभारी उप निबंधक मान सिंह सैनी, महाप्रबंधक राज्य सहकारी बैंक के.एस.बिष्ट, एन.पी.एस. ढाका, उपनिबंधक एम.पी. त्रिपाठी, एनसीडीसी के अमित कुमार निगम, आईटीआई संस्था के जी सी राजेश, आनंद अग्रवाल, योगी राज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।