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राजनीति: उत्तराखंड में संवैधानिक संकट, सीएम रावत ने की इस्तीफे की पेशकश

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संवाददाता
देहरादून, 02 जुलाई। तीन दिन की कयासबाजी पर विराम लगाते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र दिया है कि वह इस्तीफा देना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार, इसके पीछे की वजह संवैधानिक संकट पैदा होना बताई जा रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात को उनके आवास पर पहुंचे। इससे पहले उन्होंने बुधवार रात को भी पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात की थी। आज शाम मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दिल्ली से देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए अपने विशेष विमान से उड़ान भरीं। सूत्रों के मुताबिक, उतराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस्तीफा देने की पेशकश इसलिए की क्योंकि राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो गया है। तीरथ सिंह रावत ने पत्र में कहा है कि अनुच्छेद 164 । के हिसाब से उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद छह महीने में विधानसभा का सदस्य बनना था लेकिन अनुच्छेद 151 कहता है कि अगर विधानसभा चुनाव में एक वर्ष से कम का समय बचता है तो उपचुनाव नहीं कराए जा सकते।  उतराखंड में संवैधानिक संकट ना खड़ा हो, इसलिए मैं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना चाहता हूं।
सीएम तीरथ सिंह रावत तीन दिन से दिल्ली के बाद देहरादून लौटे हैं। दिल्ली में उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा- ‘मेरा राजनीतिक जीवन यूपी से शुरू हुआ। फिर उत्तराखण्ड राज्य बना और मैं यहां आ गया।  मुझे वहां भी काम करने का मौका मिला। मैं यहां भी कर रहा हूं। पार्टी ने मुझे सांसद बनाया, सीएम बनाया, आगे जो रणनीति तय करेगी हम उसी पर काम करेंगे।’ 
इधर, भाजपा सूत्रों ने बताया कि
 कल 3:00 बजे बीजेपी कार्यालय में विधानमंडल दल की बैठक आयोजित होगी। बैठक में दोनों पर्यवेक्षक विधायकों का मूड जानेंगे। हालांकि बीजेपी के तमाम विधायकों को सुबह 11:00 बजे ही देहरादून पहुंचने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि बैठक में वह शामिल हो सकें। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या कल ही नाम की घोषणा हो जाएगी या फिर पर्यवेक्षक नाम दिल्ली लेकर जाएंगे।