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राज-काज: सीएम ने सरकारी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को दी 4जी कनेक्टीविटी की सौगात

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देश-विदेश के विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों से जुड़ने का मिलेगा मौका: त्रिवेंद्र रावत
वी.पी.सिंह बिष्ट
देहरादून, 08 नवम्बर।राज्य सरकार ने प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को मजबूत नेटवर्क कनेक्टिविटि से जोड़ने की शुरूआत कर दी गई है। राजकीय महाविद्यालय डोईवाला में आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 4जी कनेक्टिविटि का विधिवत शुभारम्भ किया। इसके साथ-साथ राज्य के तीन अन्य महाविद्यालयों राजकीय महाविद्यालय गरूड़ (बागेश्वर), राजकीय महाविद्यालय चकराता (देहरादून) और राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग (नैनीताल) में भी 4जी कनेक्टिविटि का आॅनलाइन शुभाराम्भ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि युवाओं की अभिलाषा दुनियां से जुड़ने की होती है, अब 4जी कनेक्टिविटि के माध्यम से प्रदेश के युवाओं की अभिलाषाएं पूरी होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसको विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को 4जी कनेक्टिविटी से जोड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यदि छात्र-छात्राएं इस सुविधा का सकारात्मक उपयोग करेंगे तो उन्हें निश्चित रूप से सफलता मिलेगा और अगर इसका दुरपयोग किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने उच्च शिक्षण संस्थानों को 4जी कनेक्टिविटी से जोड़े जाने के अवसर पर कहा कि यह प्राचीन से अर्वाचीन को जोड़ने जैसा है। प्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई युवा उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं लेकिन राज्य सरकार की इस पहल के बाद युवाओं को राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एक्सपोजर मिलेगा। उन्होंने कहा कि 4जी कनेक्टिविटि से अब प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं देश-दुनियां के बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों से जुड़ने के साथ ही वीडियो काॅनफ्रेंसिंग के जरिये विभिन्न विषय विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकेंगे।

नई शिक्षा नीति को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे बहुत पहले ही लागू हो जाना चाहिए था। नई शिक्षा नीति में रोजगार का समावेश के साथ ही बहुआयामी शिक्षा व्यवस्था पर जोर दिया गया है। इसमें दुनिया के अनुभवों के साथ ही अपनी परम्पराओं का समायोजन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब थोपने वाला शिक्षा व्यवस्था खत्म हो जायेगी नई शिक्षा नीति के तहत देश का युवा अपने अनुसार विषयों का चयन कर सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरोजगार पर पहले किसी ने फोकस नहीं किया हमने बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ना शुरू कर दिया है। हमने पिरूल (चीड़ की पत्ती) से लेकर सोलर के क्षेत्र में रोजगार देने का काम किया। ग्रोथ सेंटर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। राज्य में 107 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत किये गये हैं जिसमें से 40 ने काम करना शुरू कर दिया है। ये रूरल ग्रोथ सेंटर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के वाहक होंगे।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया जिसने अपने सभी राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को 4जी कनेक्टिविटि से जोड़ दिया है। इससे प्रदेश के लगभग 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्र-छात्राएं इस आधुनिक तकनीक का सदपयोग करेंगे ताकि उनका भविष्य बेहत्तर हो सके। डा. रावत ने बताया कि प्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने के लिए 14 सूत्रीय कार्यक्रम तय किया गया है। जिसमें महाविद्यालयों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है जो दिसम्बर माह तक पूरी कर ली जायेंगी। पुस्तक दान अभियान की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए डा. रावत ने कहा कि इस अभियान के तहत सैकड़ो लोगों ने शिक्षण संस्थानों को पुस्तकें दान की है। जिसकी बदौलत वर्तमान में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के पास 21 लाख से अधिक किताबें उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राजकीय महाविद्यालय डोईवाला की सभी मांग पूरी कर दी है। जिसमें महाविद्यालय को 500 सेट कुर्सी-मेज, प्रयोगशाला उपकरण हेतु रू0 10 लाख, कार्यालय फर्नीचर एवं सौन्दर्यीकरण के लिए 5-5 लाख रूपये स्वीकृत किये हैं। इसी के साथ ऋषिकेश महाविद्यालय हेतु विभिन्न मदों में 40 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि कोरोना काल में 4जी सेवा वरदान साबित होगी। इससे प्रदेश भर के छात्र-छात्राओं को ई-ग्रंथालय के माध्यम से अध्ययन का मौका मिलेगा। इस कार्य के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद बर्द्धन ने 4जी नेटवर्क योजना की जानकारी देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री के कुशल नेतृत्व में यह योजना काफी कम समय में लागू की जा सकी। इसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था आईटीडीए का आभार जताया। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. डी.सी. नैनवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार जताया।

इस मौके पर भाजपा के जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह पुण्डीर, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री करन बोहरा, वरिष्ठ विधायक हरवंश कपूर, ब्लाॅक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. कुमकुम रौतेला, संयुक्त निदेशक डा. पी.के.पाठक, सलाहकार रूसा प्रो. एमएसएम रावत, के.डी. पुरोहित, कुलपति उत्तराखंड मुक्त विवि ओ.पी.एस नेगी सहित विभिन्न काॅलेजों के प्राचार्य, शिक्षक एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ राखी पंचोली और डॉ अंजली वर्मा ने किया।