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सम्मान:  शिक्षकों को डाॅ. भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया सम्मानित

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वी.पी.सिंह बिष्ट

देहरादून, 01 नवंबर। उत्तराखंड सरकार द्वारा पहली बार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। दून विश्वविद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत द्वारा विभिन्न विषय क्षेत्र के 04 शिक्षकों को डाॅ. भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार से नवाजा। इनमें वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. एस.डी.तिवारी, वाणिज्य एवं विधि क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय रामनगर के प्राचार्य प्रो. मोहन चंद्र पाण्डे, मानवीकि के क्षेत्र में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर के प्रोफेसर डाॅ. संजय कुमार और साहित्य के क्षेत्र में डाॅ. सतेन्द्र कुमार शामिल हैं।

बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डाॅ. भक्त दर्शन को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके सादगी भरे जीवन पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी के बीच आत्मीयता का संबंध विकसित होना चाहिए। जो वर्तमान में कहीं नजर नहीं आता है। उन्होंने शिक्षकों के संदर्भ में कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शिक्षकों को सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। लेकिन पुरस्कार योग्य व्यक्ति को मिलना चाहिए ताकि पुरस्कार की गरिमा बनी रही और सम्मानित होने वाले शिक्षक खुद को गौरवान्वित महसूस कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में ऐसे शोधों को प्रमुखता दी जाय जिसका फायदा प्रदेश का गरीब आदमी भी उठा सके। उन्होंने इंडोनेशिया का उदाहरण देते हुए कहा कि इंडोनेशिया ने चीड़ से 127 प्रकार के प्रोडक्ट बना दिये लेकिन हम लीसे से आगे बढ़ नहीं पाये। ऐसा ही उन्होंने भांग और अन्य स्थानीय उत्पादों के संदर्भ में कहा। उन्होंने वोकल फाॅर लोकल का जिक्र करते हुए ग्रोथ सेंटरों से विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को जोड़ने की बात कही।   मुख्यमंत्री   रावत ने विद्यार्थियों में शोध और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए कला, विज्ञान, वाणिज्य के क्षेत्र में प्रो. दलवीर सिंह रावत पूर्व कुलपति गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम पर छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषण भी की।

बतौर विशिष्ट अतिथि डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि डाॅ. भक्त दर्शन पुरस्कार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पहल पर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार अब प्रत्येक वर्ष 12 फरवरी को डाॅ. भक्त दर्शन की जयंती पर दिया जायेगा। डाॅ. रावत ने बताया कि जयहरीखाल डिग्री काॅलेज अब डाॅ. भक्त दर्शन के नाम से जाना जायेगा। इतना ही नहीं पौड़ी के मुसेठी गांव में डाॅ. भक्त दर्शन स्मारक भी बनाया गया है और सरकार वहीं उनके नाम से द्वार भी बनायेगी। इसके अलावा डाॅ. रावत ने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में 93.3 फीसदी फैकल्टी उपलब्ध है। जबकि 82 कालेजों में शतप्रतिशत फैकल्टी है। उन्होंने कहा कि आगामी 30 दिसम्बर से सभी राजकीय काॅलेजों में 99 फीसदी फैकल्टी को नियुक्ति दे दी जायेगी। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देशन में 473 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग प्राप्त करने पर जोर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुमाऊं विवि ने 75 वां स्थान जबकि ग्राफिक एरा विवि ने 97 वां स्थान हासिल किया। डाॅ. रावत ने बताया कि 8 नवम्बर को प्रदेश के 4 लाख छात्रों को 4जी कनेक्टीविटी सौगात दी जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय डोईवाला से इसका शुभारम्भ करेंगे।

इस अवसर पर डाॅ. भक्त दर्शन की दोनों पुत्री श्रीमती निर्मला नेगी एवं श्रीमती मीरा चौहान, उत्तराखंड उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डाॅ. बी.एस.बिष्ट, श्रीमती दीप्ति रावत, धर्मपुर विधानसभा के विधायक विनोद चमोली, लैंसडाउन विधायक दिलीप रावत, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद वर्द्धन, सलाहकार रूसा प्रो. के.डी. पुरोहित, प्रो. एमएसएम रावत, समस्त राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति, निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. कुमकुम रौतेला  सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे । कार्यक्रम का संचालन दून विश्वविद्यालय के प्रो. एच. सी. पुरोहित द्वारा किया गया।