Home उत्तराखंड हैप्पी बर्थडे : केक काटकर मनाया जाएगा नैनीताल का 179वां जन्मदिन

हैप्पी बर्थडे : केक काटकर मनाया जाएगा नैनीताल का 179वां जन्मदिन

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संवाददाता
नैनीताल, 18 नवंबर। आज सरोवर नगरी का 179 वां जन्मदिन है। नैनीताल के लोगों ने इस जन्मदिन को खास बनाने के लिए केक कटिंग के साथ विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया है। कोरोना संक्रमण के चलते हर बार की तरह भव्य आयोजन नही किये जा रहे हैं। राम सेवक सभा सभागार में दिन में केक काटा जाएगा। आयोजक तालचैनल के स्वामी मारुति नंदन साह व एमडी ताल चैनल दीपक बिष्ट ने बताया सादगी के साथ कुछ आयोजन निर्धन व होनहार बच्चों के लिए टॉक शो का आयोजन किया जाएगा। जिसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सर्वप्रथम सर्वधर्म प्रार्थना सभा मैं ईसाई, मुस्लिम, सिख, व बौद्ध, धर्म के धर्मगुरु प्रार्थना सभा करेंगे पश्चात वरिष्ठ नागरिकों की विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। पिछले लगभग 15 सालों से लगातार नैनीताल जन्मदिन मनाया जा रहा है। इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉ कपिल जोशी सीनियर आई एफ एस विधायक संजीव आर्य विशिष्ट अतिथि पर्यावरण वादी डॉ अजय रावत वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर एमएस दुग्ताल, समाजसेवी गीत शाह, नाव व्यवसाई धीरेंद्र चंद्र उप्रेती, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी मंटू, व्यापार मंडल मल्लीताल के उपाध्यक्ष कमलेश डोडियाल, आशा फाउंडेशन की अध्यक्ष आशा शर्मा और कोतवाल अशोक कुमार सिंह होंगे ।

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अंग्रेज व्यापारी ने की थी नैनीताल की खोज

सरोवर नगरी नैनीताल की खोज 18 नवंबर 1841 को अंग्रेज व्यापारी पीटर बैरन ने भ्रमण के दौरान खोज की थी। बैरन खेरना जाख होते हुए बिरला चुंगी के पास से लगभग 23:00 सौ मीटर की ऊंचाई पर होते हुए नैनीताल पहुंचे थे। और नैनीताल की खूबसूरती देखकर हैरान रह गए थे। कोलकाता से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी अखबार जब इसकी पहली बार खबर 13 दिसंबर 1941 को प्रकाशित हुई थी। 1842 के चौथे कुमाऊं कमिश्नर जॉर्ज थॉमस ने नैनीताल को बसाया था। और तब नैनीताल की पहचान मिली थी।

अलग पहचान रखता है नैनीताल
भारत का सबसे लोकप्रिय विश्व के मानचित्र पर पर्यटन की दृष्टि से अतिविशिष्ट स्थान रखने वाले इस शहर को नैनीताल के नाम से जाना जाता है। जो यहां के लोगों के लिए बड़े गौरव की बात है। आज अद्भुत खूबसूरत लाजवाब जैसे शब्द नैनीताल के लिए नाकाफी हैं। और देवपाटा, आयारपाटा, हांडी हांडी, चीना, अल्मा लॉज, शेर का डांडा, लड़ियाकांटा की पहाड़ियों के बीचो बीच नैनीताल की प्रसिद्ध नैनी झील को व्यापारी पीटर बैनर ने खोज कर आज नैनीताल विश्व के मानचित्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। और भारतवर्ष में नैनीताल की अपनी एक अलग ही पहचान है।