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​अपराध: महिला ज्वैलर्स से रंगदारी मांगने के आरोप में 5 गिरफ्तार, मास्टर माइंड है जेल में बंद

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संवाददाता

हल्द्वानी, 05 फरवरी।

अपराधी जेल से ही अपराधों का नेटवर्क चला रहे हैं, ये बीच बीच में उजागर होता रहा है। पिछले माह हरिद्वार जेल से ऐसा मामला सामने आया था। अब ऐसा ही मामला नैनीताल जिले के हल्द्वानी में भी सामने आया। पुलिस ने आभूषण की दुकान चलाने वाली महिला से रंगदारी मांगने के आरोप में दो महिलाओं के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पूरे प्रकरण का मास्टर माइंड सितारगंज जेल में बंद है। जांच में पाया गया कि उसने जेल से ही फोन पर महिला को धमकी दी थी। नैनीताल की एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी ने पत्रकार वार्ता में पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
दर्ज कराया था मुकदमा
पालम सिटी रामपुर रोड हल्द्वानी निवासी रीता खंडलेवाल पत्नी स्व पंकज खण्डेलवाल ने एक जनवरी 2021 को हल्द्वानी थाने में रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि दल्लू नाम के किसी व्यक्ति ने उनकी दुकान जय गुरु ज्वैलर्स के मोबाइल नंबर पर फोन किया। फोन करने वाले ने 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। रकम न देने पर उसे और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

पुलिस और एसओजी की बनाई संयुक्त टीम

इस मामले में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम का गठन किया गया। साथ ही मोबाइल के संबंध में सर्विलांस के माध्यम से जानकारी जुटाई तो पता चला कि रंगदारी मांगने के दौरान फोन की लोकेशन सितारगंज जेल में थी। ऐसे में पुलिस का माथा ठनक गया।
नंबर की जांच तो आए ये तथ्य
पुलिस ने मोबाइल नंबर की जांच की तो पता चला कि उक्त नंबर दुर्गाप्रसाद निवासी रुद्रपुर के नाम पर है। वह हाईटैक एटीएम के पास मौजे की दुकान लगाता है। पूछताछ में दुर्गाप्रसाद ने पुलिस को बताया कि इस नंबर का उसने कभी प्रयोग तक नहीं किया। जांच में ज्ञात हुआ दुर्गाप्रसाद की बगल में महेन्द्र गंगवार व नरेन्द्र गंगवार छतरी लगाकर सिम बेचने का काम करते थे। दोनों फुफेरे भाई हैं।

यहां से आगे बढ़ी अपराध की कहानी

पुलिस के मुताबिक महेंद्र व नरेंद्र की दोस्ती दीपक राठौर पुत्र श्याम चरण राठौर निवासी रुद्रपुर से हुई। दीपक हुण्डई रुद्रपुर में काम करता है। दीपक का भाई राहुल राठौर हत्या के मुकदमे में सितारगंज जेल में आजीवन कारावास की सजा में निरुद्ध है। इसी बीच राहुल राठौर ने अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिये प्रभावशाली व पैसे वाले लोगो से रंगदारी वसूलने की योजना बनाई। इसके लिये उसने अपनी महिला मित्र अंकिता पत्नी धीरेन्द्र कुमार और अंजलि उर्फ अंजू पत्नी अजय रस्तोगी की सहायता ली। दोनों उससे जेल में मिलने जाती रहती थी। उसने इन महिलाओं को एक फर्जी सिम की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी। इसके लिये अपने भाई दीपक राठौर की मदद लेने के लिये भी कहा।

ऐसे हासिल किया सिम

इसके उपरांत अंकिता और अंजलि ने दीपक राठौर से सम्पर्क किया। उसे राहुल राठौर की योजना के बारे में बताया तो दीपक ने अपने मित्र महेन्द्र और नरेन्द्र से संपर्क किया। इन लोगों ने इसके लिये हामी भर ली। इस बीच उनकी बगल पर मौजे बेचने का काम करने वाले दुर्गाप्रसाद ने अपने वोडाफोन का नम्बर बंद होने के बारे में महेन्द्र को बताया। महेन्द्र ने उससे कहा कि तुम अपना नम्बर को एयरटेल में पोर्ट करा लो। तुम्हारा नम्बर फिर से शुरु हो जायेगा। इसके लिये दुर्गा प्रसाद ने हामी भर ली। इन लोगों ने दुर्गाप्रसाद से आधार कार्ड की तीन चार फोटो कापी पर हस्ताक्षर कराकर रख ली। साथ ही दुर्गाप्रसाद के आधार कार्ड की फोटो अपने मोबाईल से खींची और उसके अंगूठे पर बायोमैट्रिकी साईन दो तीन बार ले लिये।

दुर्गाप्रसाद के नाम से कराया सिम एक्टिवेट

इसके बाद इन लोगों ने दुर्गाप्रसाद के आधार कार्ड से एक एयरटेल का सिम एक्टिवेट कराया। इसे दीपक राठौर के माध्यम से अंकिता यादव ने राहुल राठौर को सितारगंज जेल में जाकर दिया। जहाँ पर राहुल राठौर ने फोन पर दल्लू बनकर रीता खंडलेवाल से रंगदारी की माँग की। इसके बाद उसने सिम व मोबाईल को जेल परिसर में ही नष्ट कर दिया।
पुलिस के मुताबिक घटनाक्रम व साक्ष्यों के आधार पर दीपक राठौर, महेन्द्र सिंह गंगवार , नरेन्द्र सिंह गंगवार को चार फरवरी और अंकिता व अंजली को आज गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही सितारगंज जेल में बंद राहुल राठौर को रिमांड में लेने की कार्यवाही की जा रही है ।