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असन्तोष: राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी गति पर मंत्री नाराज

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संवाददाता

देहरादून, 19 दिसंबर।

सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास एवं प्रोटोकाॅल मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी गति पर असंतोष जताया।

उन्होंने रूसा के नोडल अधिकारी को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए भारत सरकार को शीघ्र उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) भेजने को कहा ताकि द्वितीय चरण की धनराशि प्राप्त की जा सके।बैठक में रूसा के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम चरण के अंतर्गत भारत सरकार से 127 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी जिसमें से 10 दिसम्बर तक 90 करोड़ की धनराशि खर्च कर ली गई है। जबकि द्वितीय चरण के अंतर्गत 45 करोड़ में से 12 करोड़ की धनराशि ही खर्च हो पाई है। जिसका उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन के माध्यम से भारत सरकार को भेजा जा रहा है। रूसा के नोडल अधिकारी डाॅ. एस.एस. उनियाल ने बताया कि राज्य में रूसा के अंतर्गत प्रथम चरण में 42 राजकीय महाविद्यालय तथा 04 राजकीय विश्वविद्यालय अच्छादित है। जिनमें नव निर्माण कार्य, पुननिर्माण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। इसके साथ ही रूसा के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों को माॅडल काॅलेज एवं पैठानी में व्यवसायिक काॅलेज स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हुए। ऐसे में प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र पूरा कर भारत सरकार को उपयोगिता प्रमाण पत्र भेज दिया जायेगा।

बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद बर्द्धन, सलाहकार रूसा प्रो. के.डी.पुरोहित, प्रभारी नोडल रूसा डाॅ. एस.एस. उनियाल, अनुसचिव उच्च शिक्ष ब्योमेश कुमार दुबे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थिति थे।