Home उत्तराखंड हाईकोर्ट: झुनझुनवाला को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय में प्रत्यावेदन पेश करने का निर्देश

हाईकोर्ट: झुनझुनवाला को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय में प्रत्यावेदन पेश करने का निर्देश

140
0

संवाददाता
नैनीताल, 12 जनवरी।

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने भरत झुनझुनवला की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकर्ता को निर्देश दिए हैं कि गंगा नदी पर स्थापित जल विद्युत परियोजनाओं एवं सिंचाई परियोजनाओं का पूरा विवरण सम्बन्धी प्रत्यावेदन जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार को प्रस्तुत करें और जल शक्ति मंत्रालय उसे 3 माह के अन्दर निस्तारित करे।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान व न्याय मूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खण्डपीठ में हुई। मामले के अनुसार भरत झुनझुनवाला का कहना था कि जल शक्ति मंत्रालय ने वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फण्ड, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एवं जल शक्ति मंत्रालय स्वयं की तमाम रपटों को दरकिनार करते हुए पर्यावरण प्रवाह की मात्रा को निर्धारित किया है। सिंचाई परियोजनाओं द्वारा छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा निर्धारित करने में कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं लिया गया था। इन रपटों में इन परियोजनाओं से लगभग 50% पानी छोड़ने की बात कही गयी थी, जिससे गंगा में पायी जाने वाली मछलियाँ जीवित रहें और गंगा की सांस्कृतिक अस्मिता बनी रहे, लेकिन जल शक्ति मंत्रालय ने केवल 20% से 30% पानी छोड़ने की अधिसूचना जारी की थी।
इस मात्रा को निर्धारित करने में जल शक्ति मंत्रालय ने सेंट्रल वाटर कमीशन की एक रिपोर्ट को आधार बनाया, ऐसा दीखता है. लेकिन सेंट्रल वाटर कमीशन की उस रिपोर्ट में दो सदस्य ऐ के गुसाईं और शरद जैन पहले 50% पानी छोड़ने की वकालत कर चुके थे।