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वापसी: अब रेल से लाया जाएगा प्रवासियों को, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की रेल मंत्री से बात

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देहरादून- बाहरी प्रदेशों से उत्तराखंड लौटने के इच्छुक लोगों की बढ़ती तादाद के आगे बसें कम पड़ने के साथ ही कई अन्य दिक्कतें भी सरकार के सामने पेश आ रही हैं। इसे देखते हुए त्रिवेंद्र सरकार ने  प्रवासियों को अब ट्रेन से उत्तराखंड लाने की कवायद शुरू कर दी है। स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस मसले को हल करने को लेकर काफी गंभीर हैं। रेल सेवा की सुविधा मुहैया कराने को उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री से बात की है।
 उधर, विभिन्न राज्यों से 8 मई की सांय तक  23794 प्रवासियों को उत्तराखण्ड लाया जा चुका है। इनमें हरियाणा से 11482, चण्डीगढ़ से 4838, उत्तर प्रदेश से 3526, राजस्थान से 2409, दिल्ली से 482, पंजाब से 327, गुजरात से 319 और अन्य राज्यों से 411 लोगों का लाया गया है। शनिवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में प्रेस ब्रीफिंग में सचिव शैलेश बगोली ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक अन्य राज्यों से उत्तराखण्ड आने के लिए 179615 लोगों ने आनलाईन पंजीकरण कराया है।
उत्तराखण्ड के एक जनपद से दूसरे जनपद में जाने वालों की कुल संख्या 34886 है। उत्तराखण्ड से अन्य राज्यों को जाने के लिए 21717 लोगों ने आनलाईन पंजीकरण कराया है। इनमें से 6378 लोगों को भेजा जा चुका है। श्री बगोली ने कहा कि बाहर से प्रवासियों को लाने की प्रक्रिया नियोजित तरीके से होती है। इसमें जिलों में एक दिन में कितने लोगों की व्यवस्था हो सकती है, उसके आधार पर टाईमटेबल बनाया जाता है। उसी के आधार पर लोगों को लाया जा सकता है। जिन लोगों ने भी आने के लिए पंजीकरण कराया है, उन सभी को लाने के लिए राज्य सरकार व्यवस्थाएं कर रही हैं। परंतु इसमें मेडिकल जांच, सोशल डिस्टेंसिंग, क्वारेंटाईन आदि तमाम तरह की सावधानियां भी बरतनी हैं।    
सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बैंगलोर आदि स्थानों से प्रवासियों को लाने के लिए ट्रेन के लिए भी बात हुई है। राजस्थान से भी रेल सेवा की बात चल रही है। उत्तराखण्ड के प्रवासी लोगों को लाने के लिए रेल व बस का व्यय उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। रेलवे के पास 50 लाख रुपए एडवांस के तौर पर जमा भी कर दिया गया है। अभी तक 8 ट्रेन्स का अनुरोध किया गया है। इसका प्लान किया जा रहा है। कतिपय मीडिया में एक निश्चित दिनांक को ट्रेन चलने की खबर के बारे में पूछे जाने पर  बगोली ने बताया कि यह समाचार सही नहीं है। अभी कोई तिथि तय नहीं हुई है। जल्द ही रेल मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकार से समन्वय कर ट्रेन से प्रवासियों को लाने का भी टाईमटेबल बना दिया जाएगा। जैसे ही तिथि तय हो जाएगी, संबंधित प्रवासियों को एसएमएस के माघ्यम से सूचित कर दिया जाएगा।
निदेशक, एनएचएम  युगल किशोर पंत ने बताया कि कोविड-19 के संबंध में आज 221 सेम्पल की रिपोर्ट आई है, इनमें से 4 पाॅजिटिव केस हैं। ये चारों लोग ऊधमसिंहनगर की सीमा पर पुलिस द्वारा पकड़े गए थे। पकड़ते ही उन्हें संस्थागत क्वारेंटाईन मेंं रखा गया था। इनमें 2 महाराष्ट्र, 1 गुजरात व 1 हरियाणा से आ रहे थे।  पंत ने बताया कि राज्य में पाॅजिटिव केस की दर 0.76 प्रतिशत है। रिकवरी रेट 69 प्रतिशत है जो कि राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हमारे यहां औसत रिकवरी टाईम 16 दिन है। हमारी फेटैलिटी (मृत्यु) रेट 1.49 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय दर 3.32 है। आज 4 पाॅजिटिव केस आने से हमारी डबलिंग रेट 38 दिन है जबकि देश की डबलिंग रेट 10.9 है।