Home उत्तराखंड ​विरोध:  केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध मेंं सीटू का राज्यव्यापी...

​विरोध:  केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध मेंं सीटू का राज्यव्यापी विरोध दिवस 

169
0
देहरादून- वामपंथी संगठनों का आरोप है कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्तमान कोरोना वायरस के संकट के चलते एक के बाद आम जनता के प्रत्येक हिस्से पर जनविरोधी नीतियों को थोपकर हमला किया जा रहा है। इसी क्रम मेेंं मेहनतकश वर्ग के सबसे हिरावल दस्ते मजदूर पर 12घण्टे का काम समय थोप दिया गया तथा उसके सभी श्रम अधिकार छीन लिए गये। उसे बड़े घरानों व फैक्टरी मालिकों तथा इम्पालयर की दया के भरोसे छोड़ दिया गया है। संगठनों का कहना है कि  कम मजदूरी मेंं ज्यादा काम तथा सोशल डिस्टेंंसिंग के बहाने बड़े स्तर पर छंटनी का रास्ता खोल दिया है। कोरोना से सर्वाधिक पीड़ित मजदूर इससे पहले समझ पाता कि उसे पूंंजीपतियों के रहमोकरम पर छोड़ दिया है। इन मुद्दों पर सीटू पुरजोर विरोध कर रही है।
  मोदी सरकार से इस मजदूर विरोधी निर्णय वापस लेने की मांग कर रही है। गुरुवार को पूरे राज्य मेंं विरोध प्रदर्शन की कार्यवाही हुई, जिसमें एस एफ आई , नौजवान सभा, महिला समिति,  किसान सभा तथा समान विचार के लोगों ने हिस्सेदारी की। मुख्य धरना सीटू के देहरादून स्थित राज्य कार्यालय मेंं दिया गया, जिसमें सीटू के  अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ,किसान सभा के अध्यक्ष सुरेंद्र सजवाण, लेखराज, आर पी जोशी, अनन्त आकाश, भगवन्त पयाल , दीपक शर्मा, धारणी मिश्रा, रविंंद्र नौडियाल, हिमांशु चौहान ,शिवा दुबे आदि ने सोशल डिस्टेंंसिंग का पालन करते हुऐ हिस्सेदारी की ।