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शौर्यगाथाः शहीद जसवंत सिंह रावत को परमवीर चक्र से सम्मानित करने के लिए रक्षा मंत्री को लिखा पत्र

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संवाददाता
देहरादून, 17 नवम्बर। उत्तराखंड नवनिर्माण सेना ने अमर शहीद जसवंत सिंह रावत के शहीद दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। संगठन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेज कर शहीद जसवंत को परमवीर चक्र प्रदान करने की मांग की है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड वीरों की धरती है। उत्तराखंड में कई स्वतंत्रता सेनानियों, राज्य आंदोलनकारियों, रणबांकुरों ने जन्म लिया। जिन्होंने देश की अखंडता, एकता, अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। जिनकी शौर्य गाथा आज भी राज्य के हर व्यक्ति के शीश को गर्व से ऊंचा करती है। इन्हीं में एक गढ़वाली योद्धा रण बांकुरे थे शहीद जसवंत सिंह रावत। जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 72 घंटे तक अकेले 300 चीनी सैनिकों के साथ मोर्चाबंदी कर दुश्मनों के दांत खट्टे किये थ।


जब चीनी सेना तवांग से आगे निकलते हुए नूरानांग पहुंच गई। इसी दिन नूरानांग में भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच लड़ाई शुरू हुई और तब तक परमवीर चक्र विजेता जोगिंदर सिंह, लांस नायक त्रिलोक सिंह नेगी और राइफलमैन गोपाल सिंह गोसाईं सहित सैकड़ों सैनिक वीरगति को प्राप्त हो चुके थे। गढ़वाल राइफल के चतुर्थ बटालियन में तैनात जसवंत सिंह रावत ने अकेले नूरानांग का मोर्चा संभाला और लगातार तीन दिनों तक वह विभिन्न बंकरों में जाकर गोलीबारी कर चीनी सेना को नाकों चने चबवा दिए थे।
राइफ़ल मैन जसवंत सिंह रावत भारतीय सेना के सिपाही थे। जो 1962 में नूरारंग की लड़ाई में असाधारण वीरता दिखाते हुए शहीद हो गये थे। उन्हें उनकी बहादुरी के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। यह जसवंत सिंह की वीरता ही थी कि भारत सरकार ने उनकी शहादत के बाद भी सेवानिवृत्ति की उम्र तक उन्हें उसी प्रकार से पदोन्नति दी, जैसा उन्हें जीवित होने पर दी जाती। भारतीय सेना में अपने आप में यह मिसाल है कि शहीद होने के बाद भी उन्हें समयवार पदोन्नति दी जाती रही। जसवंत सिंह रावत की इस शहादत को संजोए रखने के लिए 19 गढ़वाल राइफल ने युद्ध स्मारक बनवाया। स्मारक के एक छोर पर एक जसवंत मंदिर भी बनाया गया। लेकिन अदम्य साहस एवं देश की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने के बावजूद भी जसवंत सिंह रावत जैसे योद्धा को आज तक परमवीर चक्र से सम्मानित नहीं किया गया। नवनिर्माण सेना ने मांग की है कि अमर शहीद जसवंत सिंह  रावत को परमवीर चक्र प्रदान किया जाय। इस दौरान संगठन के संस्थापक सदस्य सुशील कुमार सहित अन्य लोग थे।