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मौसम:  बेमौसमी बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कल तक भारी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी की चेतावनी

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देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार की शाम से रुक-रुक कर हो रही बारिश का सिलसिला आज भी जारी रहा। दून सहित प्रदेश के अनेक हिस्सों में आज भी जम कर बारिश और ओलावृष्टि हुई। आसमान में काले बादल छा गए और अंधेरा हो गया। जिसके बाद तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री, हेमकुंड के साथ धनोल्टी में बर्फबारी हुई है। धनोल्टी में आज 16वीं बार बर्फबारी हुई है।
तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही इस बारिश से अब लोग परेशान हो गए हैं। कई जगह जल भराव हो गया है। मौसम खराब होने की वजह से पहाड़ी इलाकों में खासी ठंड पड़ रही है। जिससे लोग घरों में कैद हो गए हैं। वहीं मसूरी में भी बारिश के चलते जारी ठंड बढ़ रही है।
उत्तरकाशी जनपद के सभी तहसील क्षेत्रों में भी लगातार बारिश हो रही है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू के पास मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था, जिसे बीआरओ ने सुचारू कर दिया है। डामटा के पास पहाड़ी टूटने से यमुनोत्री राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। राजमार्ग को खोलने का कार्य युद्धस्तर से जारी है।
यमुनोत्री हाईवे में कुथनौर के पास भी मलबा आ गया था, जिसे दोपहर दो बजे खोल दिया गया। बारिश के कारण यहां आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। यमुनोत्रीधाम व आसपास के क्षेत्र में रात से ही बर्फबारी हो रही है। वहीं निचले इलाकों और यमुनाघाटी में लगातार हो रही बारिश ने ठंड बढ़ा दी है।

बदरीनाथ, हेमकुंड सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर से जमकर बर्फबारी के समाचार हैं। चमोली जिले में बारिश थमी हुई है। यहां बदरीनाथ, हेमकुंड सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। बदरीनाथ नेशनल हाईवे तीन धारा के पास मलबा आने से बंद हो गया था, जिसे बाद में खोल दिया गया। हालांकि यहां पहाड़ी से अभी भी लगातार मलबा गिर रहा है, जिस कारण आवाजाही में जोखिम बना हुआ है। नई टिहरी में भी रात से ही जमकर बारिश हो रही है। श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में भी समाचार लिखे जाने तक बारिश जारी थी।

हरिद्वार में भी आज सुबह तेज बारिश के साथ ओले भी पड़े। सुबह के समय में दो बार ओले पड़े। लगातार बारिश होने से अब यहां लोग परेशान हो गए हैं। बारिश के साथ तेज गर्जनाओं से लोग सहमे हुए हैं। इस बार किसानों पर मौसम की बड़ी मार पड़ी है। बेमौसम बारिश ने किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया है।

कुमाऊं में चंपावत, भीमताल, लोहाघाट, मुकतेश्वर, नैनीताल, पंतनगर, अल्मोड़ा, रुद्रपुर, जसपुर, टनकपुर, रामनगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर सहित अधिकतर इलाकों में बारिश हो रही है। वहीं गुरुवार रात उच्च हिमालय क्षेत्रों में बर्फबारी होने की सूचना भी है।
इससे पहले गुरुवार को भी बदरीनाथ-केदारनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, गौरसों, औली के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई।

मदमहेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला सहित अन्य ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई, जिससे ठंड बढ़ गई है। रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय सहित तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, जखोली, मयाली, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, जखोली, फाटा, चोपता, चोपड़ा आदि स्थानों में बारिश होने से कड़ाके की ठंड हो रही है। गंगोत्री, यमुनोत्री धाम, मुखबा, हर्षिल, धराली, सुक्की, जानकीचट्टी, खरसाली आदि ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी हुई है। वहीं चकराता की पहाड़ियां भी बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं हैं।
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में अगले 24 घंटों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 45-55 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी आने की संभावना जताई है। 25 सौ मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।