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अब तक: उत्तराखंड में कोरोना का कहर जारी, 132 पर पहुंच गया संक्रमित मरीजों का आंकड़ा

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देहरादून- उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है। इसी के साथ संक्रमितों की तादाद में भी लगातार इजाफा हो रहा है। गुरुवार को भी उत्तराखंड में दो कोरोना संक्रमित मामले सामने आए। इसके बाद राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 132 हो गई है। दूसरी ओर, इनमें से 54 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने गुरुवार को आए दो नए मामलों की पुष्टि की है। इनमें से एक केस देहरादून में मिला है।
बुधवार को मिले संक्रमित मामलों में टिहरी में पांच, उत्तरकाशी में दो, अल्मोड़ा और हरिद्वार में एक-एक, ऊधमसिंह नगर में चार, नैनीताल जिले में दो संक्रमित मरीज मिले। वहीं रात में टिहरी और देहरादून में चार केस मिले।
उत्तरकाशी में 32 वर्षीय संक्रमित युवक वीरपुर डुंडा का रहने वाला है और कुछ दिन पहले दिल्ली से लौटा था। वहीं जिले में मुंबई से लौटे 29 वर्षीय युवक में भी कोरोना की पुष्टि हुई।
टिहरी में मिले सभी पांच संक्रमित मुंबई से लौटे हैं। हरिद्वार जनपद में रुड़की के महानपुर निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति मुंबई से आया था। हाल ही में ग्रीन जोन में शामिल किए गए हरिद्वार जिले में 32 दिन के बाद कोरोना का मामला सामने आया।
ऊधमसिंह नगर जनपद में रुद्रपुर निवासी 29 वर्षीय युवक, किच्छा निवासी 35 वर्षीय और जसपुर में 21 साल के दो युवक कोरोना संक्रमित मिले। ये चारों संक्रमित मरीज गुरुग्राम, मुंबई और गुजरात से लौटे थे।

 टैक्सी, कैब, विक्रम, ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन शुरू

   उत्तराखंड की सड़कों पर गुरुवार से टैक्सी, कैब, विक्रम, ई-रिक्शा और ऑटो भी दौड़ने लगे हैं। परिवहन विभाग ने प्रदेश के कोरोना संक्रमण के तहत घोषित ऑरेंज और ग्रीन जोन में सार्वजनिक परिवहन के संचालन की मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी कर दी है।
देहरादून से एक जून से दो ट्रेनों के संचालन को रेल मंत्रायल ने हरी झंडी दे दी है। इन दो ट्रेनों में से एक देहरादून से दिल्ली जनशताब्दी और दूसरी ट्रेन देहरादून काठगोदाम जनशताब्दी एक्प्रेस है।
 मुंबई से श्रमिक एक्सप्रेस पहुंची हरिद्वार
बुधवार को देर रात मुंबई से चल कर श्रमिक एक्सप्रेस हरिद्वार पहुंची। ट्रेेन में 1600 प्रवासी उत्तराखंड पहुंचे। जानकारी के मुताबिक बुधवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे ट्रेन हरिद्वार पहुंची। बताया गया कि ट्रेन से 1169 प्रवासी आने थे, लेकिन ट्रेन से करीब 1600 प्रवासी वापस लौटे हैं।
इनमें से कृुमाऊं मंडल के सभी प्रवासियों को भेज दिया गया है। जबकि गढ़वाल मंडल के 469 प्रवासियों को कलियर  ले जाया गया है। वहां सभी की सैंपलिंग की गई। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद उन्हें घर भेजा जाएगा।
प्रवासियों से फैलता कोरोना

उत्तराखंड में तीन मई तक आप्रवासियों की आमद को खुली छूट नहीं थी और तब तक कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 61 पर सिमटा था। इस आंकड़े तक पहुंचने में भी उत्तराखंड को 51 दिन का समय लगा। चार मई से दूसरे राज्यों में फंसे लोग उत्तराखंड आने लगे तो उसके साथ संक्रमण की दर भी ऊपर चढ़ने लगी। तब से 20 मई तक कोरोना संक्रमण के 71 नए मामलों के साथ यह संख्या 132 के पार हो चुकी है। यानी कि महज 17 दिन में ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा दोगुना हो गया।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का पहला मामला देहरादून में 15 मार्च को सामने आया था। इसके बाद जमातियों की हरकत से संक्रमण की दर एकाएक ऊपर चढ़ी, लेकिन इस पर भी काबू पा लिया गया। अब अप्रवासियों के रूप में नई चुनौती सामने है।
अब तक एक लाख 29 हजार से अधिक लोग दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आ चुके हैं। बुधवार को ही 17 हजार से अधिक लोग राज्य के विभिन्न जिलों में गए। सबसे अधिक 34 हजार से अधिक लोग पर्वतीय क्षेत्र के अल्मोड़ा जिले में गए। इसके बाद पौड़ी में 21 हजार से अधिक अप्रवासियों की आमद हो चुकी है। 
जहां भी प्रवासियों की आमद हुई है, सभी जिले पर्वतीय हैं। हालांकि, देहरादून और हरिद्वार में भी अच्छी-खासी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से पहुंचे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो रेड जोन से आए हैं। कोरोना संक्रमण भी ऐसे ही क्षेत्रों से आए लोगों में पाया जा रहा है।
सैंपलिंग ने पकड़ी रफ्तार,अब पूल टेस्टिंग पर जोर
प्रवासियों की आमद से कोरोना संक्रमण में तेजी आने के बाद अब जाकर प्रदेश में सैंपलिंग की रफ्तार कुछ बढ़ी है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब पूल टेस्टिंग भी की जा रही है। बुधवार को प्रदेश में सर्वाधिक 730 सैंपल की जांच रिपोर्ट आई। लेकिन, लैब में पेंडिंग सैंपल भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
अब तक कुल 15503 सैंपल कोरोना जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं। जिनमें 1536 सैंपलों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। वर्तमान में हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज,एम्स ऋषिकेश, दून मेडिकल कॉलेज व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के अलावा देहरादून स्थित एक निजी लैब में कोरोना की जांच हो रही है।
सबकी जांच क्षमता प्रतिदिन पांच सौ के करीब है। जबकि जांच के लिए इससे अधिक संख्या में सैंपल भेजे जा रहे हैं। इसी कारण पेंडिंग की स्थिति है। इस बीच दून मेडिकल कॉलेज में पूल टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में भी जल्द इसकी शुरुआत होगी। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा सके और संक्रमित मरीजों का पता चल सके।
प्रदेश में और 754 लोगों के लिए गए सैंपल
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बुधवार को 754 और सैंपल लिए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 270 सैंपल हरिद्वार जिले से हैं। इसके अलावा देहरादून से 207,नैनीताल से 61,ऊधम सिंह नगर से 60,बागेश्वर से 33,रुद्रप्रयाग से 20,पौड़ी व चंपावत से 14-14,उत्तरकाशी से 12,टिहरी से 10 और अल्मोड़ा से पांच सैंपल भेजे गए हैं। देहरादून स्थित प्राइवेट लैब में भी 48 सैंपल की जांच होनी है।

अब तक उत्तराखंड से 29 हजार लोग गए बाहर
उत्तराखंड में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों की वापसी की संख्या आने वाले लोगों के हिसाब से काफी कम है। अब तक राज्य से 29 हजार 551 लोग ही अपने राज्यों को लौटे हैं। इनमें देहरादून से सर्वाधिक 8957 लोग दूसरे राज्यों को लौटे है।

कोरोना पॉजिटिव शख्स के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा
गलत मोबाइल नंबर देने और जानकारी छुपाने के आरोप में उत्तरकाशी पुलिस ने कोरोना संक्रमित युवक के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जिले में कोरोना संक्रमित किसी भी मरीज के खिलाफ यह पहला मुकदमा है।
महाराष्ट्र से 34 वर्षीय डखियाट गांव निवासी युवक 17 मई को ऋषिकेष पहुंचा था। वहां उसका रैंडम सैंपल लिया गया था। इसके बाद युवक 24 यात्रियों से भरी बस में बैठकर उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ पहुंचा। 17 मई की रात स्वास्थ्य जांच के बाद प्रशासन ने युवक को दो अन्य युवकों के साथ काली कमली धर्मशाला में ठहराया।
18 मई की सुबह युवक समेत आठ लोग एक वाहन में बैठकर पंचायत क्वारंटाइन के लिए बड़कोट पहुंचे। युवक को डखियाट गांव के निकट राजकीय महाविद्यालय में पंचायत क्वारंटाइन किया गया। 18 मई की देर शाम युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद भारत माता मंदिर ऋषिकेश में युवक के दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो नंबर बंद आया।
कोतवाली प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव युवक ने सैंपल देने के दौरान भी गलत मोबाइल नंबर दिया। उत्तरकाशी में युवक ने चिन्यालीसौड़ के नगुण बैरियर पर नहीं बताया कि उसका कोरोना सैंपल ऋषिकेश में लिया गया है।
होम क्वारंटाइन के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

होम क्वारंटाइन के उल्लंघन पर पुलिस कठोरता बरतने को है। सूत्रों की मानें तो अब होम क्वारंटाइन का उल्लंघन करने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उसे गिरफ्तार भी किया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि प्रदेश के बाहर से आने वाले प्रवासियों को 14 दिन होम क्वारंटाइन में रहना अनिवार्य है। सूचनाएं आ रही थीं कि लोग इसका उल्लंघन कर रहे हैं। लिहाजा ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कठोर रूख करना पड़ा। 
उन्होंने बताया कि अब तक ऐसे दो सौ प्रवासियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। उत्तरकाशी में ट्रेवल हिस्ट्री छिपाने वाले कोरोना संक्रमित पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है। इसके साथ ही जिलों को निर्देशित किया गया है कि स्थानीय लोगों के साथ सूचना का तंत्र बेहद मजबूत करें। जहां से भी होम क्वारंटाइन के उल्लंघन की सूचना मिले,वहां टीम भेज सुरक्षा के सभी नियमों का पालन कराना सुनिश्चित करें। ऐसे जन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ उसकी गिरफ्तारी भी की जाए। अगर आवश्यक हो तो ऐसे लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में भेज दिया जाए। इसके साथ ही उसके परिवार वालों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जाए।