Home उत्तराखंड ​आस्था:   विश्व  प्रसिद्ध तीर्थ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले

​आस्था:   विश्व  प्रसिद्ध तीर्थ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले

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भूपेंद्र सिंह कंडारी के सौजन्य से
 देहरादून-  शुक्रवार की प्रात: 4 बजकर 30 मिनट ब्रह्म मुहूर्त पर  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुुल गए।
 श्री बदरीनाथ धाम को दानदाताओं के सहयोग से 10 क्विंटल फूलों से सजाया गया था।
बिजली की रोशनी से जगमगाया मंदिर।
कपाट खुलने के अवसर पर रावल, सहित कपाट खुलने की प्रक्रिया से जुड़े लोग रहे मौजूद।श्री बदरीनाथ धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से।
प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित पर्यटन – धर्मस्व मंत्री सतपाल जी महाराज ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं दी हैं।
शुक्रवार, जेष्ठ माह, कृष्ण अष्टमी तिथि, कुंभ राशि धनिष्ठा नक्षत्र, ऐंद्रधाता योग के शुभ मुहूर्त पर कपाट खुले।
प्रात: तीन बजे से श्री बदरीनाथ धाम में कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू होने लगी। देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी/ सेवादार -हक हकूकधारी मंदिर परिसर के निकट पहुंच गये। श्री कुबेर जी बामणी गांव से बदरीनाथ मंदिर परिसर में पहुंचे तो रावल जी एवं डिमरी हक हकूकधारी भगवान के सखा उद्धव जी एवं गाडू घड़ा तेल कलश लेकर द्वार पूजा हेतु पहुंचे। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ द्वार पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ तत्पश्चात प्रात: 4 बजकर 30 मिनट पर रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी द्वारा श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिये गये। श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही माता लक्ष्मी जी को मंदिर के गर्भ गृह से रावल जी द्वारा मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर में रखा गया।श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी बदरीश पंचायत के साथ विराजमान हो गये।
कपाट खुलने के पश्चात मंदिर में शीतकाल में ओढे गये घृत कंबल
को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। माणा गांव द्वारा तैयार हाथ से बुने गये घृतकंबल को कपाट बंद होने के अवसर पर भगवान बद्रीविशाल को ओढ़ाया जाता है।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मानवमात्र के रोग शोक की निवृत्ति, आरोग्यता एवं विश्व कल्याण की कामना की गयी‌।
भगवान बदरीविशाल की प्रथम पूजा-अर्चना देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  की तरफ से मानवता के कल्याण आरोग्यता हेतु संपन्न की जा रही है। आन लाईन बुक हो चुकी पूजाओं को यात्रियों की ओर से उनके नाम से संंपादित किया जायेगा।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर में स्थित माता लक्ष्मी मंदिर,श्री गणेश मंदिर, हनुमान जी, भगवान बदरी विशाल के द्वारपाल घंटाकर्ण जी का मंदिर परिक्रमा स्थित छोटा मंदिर तथा आदि केदारेश्वर मंदिर, आदि गुरू शंकराचार्य मंदिर के द्वार खुल गये।
माणा के निकट स्थित श्री माता मूर्ति मंदिर तथा श्री भविष्य बदरी मंदिर सुभाई तपोवन के कपाट भी श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही खुल गये हैंं। बदरीनाथ स्थित खाक चौक में हनुमान मंदिर के द्वार भी आज खुल गये हैंं।