Home एजुकेशन निर्णयः नैनीताल जिले में 21 नवम्बर से खुल जाएंगे कोचिंग सेंटर

निर्णयः नैनीताल जिले में 21 नवम्बर से खुल जाएंगे कोचिंग सेंटर

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जिलाधिकारी ने कोविड 19 के नियमों का सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश

संंवाददाता
हल्द्वानी, 20 नवंबर। शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार जिले के सभी कोचिंग संस्थान 21 नवम्बर से खोले जायेंगे। इसकी स्वीकृति जिलाधिकारी सविन बंसल ने दिशा निर्देशों के साथ प्रदान कर दी है। जिलाधिकारी बंसल ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कोरोना संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से जिलेभर के कोचिंग सेन्टर बन्द थे। अब यह कोचिंग सेन्टर 21 नवम्बर से विधिवत अपना कार्य प्रारंभ कर सकेंगे। बंसल ने कहा सभी कोचिंग सेन्टरों में कोविड—19 की गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिये गये हैैं। उन्होंने कहा कोचिंग सेंटरों में मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग और दो गज की दूरी आदि नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी बंसल ने कहा कि कक्षा 10वीं या अधिक की कक्षाएं 16 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों को उनके माता—पिता की लिखित सहमति पर ही कोचिंग संस्थानों में अध्ययन हेतु जाने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कोचिंग सेंटर खोलने से पूर्व सेनेटाइज किया जाए, साथ ही किसी विघार्थी या शिक्षक को खांसी, बुखार या जुकाम के लक्षण हों, तो संस्थान में प्रवेश की अनुमति ना दी जाए। उन्होंने कहा कोचिंग सेंटरों में दो बैचों के बीच 30 मिनट का अन्तराल रखा जाए तथा विघार्थियों को 6 फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विघार्थियों की संख्या व सामाजिक दूरी के दृष्टिगत कोचिंग सेंटरों की उपलब्ध क्षमता के 50 प्रतिशत विघार्थियों को एक दिन पाली में बुलाया जाए तथा अवशेष 50 प्रतिशत विघार्थियोें को अगले दिन की पाली में बुलाया जाए।
जिलाधिकारी बंसल ने कहा कि दिशा निर्देशों का अनुपालन न करने पर कोचिंग संस्थानए संचालक/प्रबन्धक के विरुद्व आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005, ऐपिडमिक डिजीज एक्ट 1987 तथा आईपीसी की सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। डीएम ने बताया कि कोचिंग संस्थानों में कोविड 19 के दिशा निर्देशों का अनुश्रवण सम्बन्धित पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जायेगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये हैं कि कोविड 19 के दिशा निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर कोचिंग संस्थान संचालक/प्रबन्धक के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी। इसके उत्तरदायी स्वयं संस्थान के संचालक होंगे।