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अपराध: नहीं रुक रहे हैं साइबर ठगी के मामले, फर्जी कॉल के जरिए फिर ठगे गए लोग

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संंवाददाता
देेहरादून, 12  जनवरी।

रोकथाम की तमाम कोशिशों के बावजूद शहर में साइबर अपराध  रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंंगलवार को भी साइबर  ठगी की  वारदातें  सामने आई हैं। स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड के अंतर्गत कार्यरत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून द्वारा जारी  मंंगलवार 12 जनवरी शाम 5 बजे तक के साइबर बुलेटिन CYBER BULLETIN के अनुसार,  शहर में आज़ तीन बड़ी घटनाएं हुईं।
1- देहरादून के राजपुर रोड निवासी व्यक्ति द्वारा थाना साईबर क्राईम पर शिकायत दर्ज करायी गयी  कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे फोन कर स्वंय को इलाहाबाद बैंक से बताते हुए कहा गया कि आपका बैंक खाता बन्द होने वाला है , इसके लिये आपसे सम्बन्धित कुछ सूचनायें चाहिए । शिकायतकर्ता द्वारा उसकी इस बात पर विश्वास करते हुये अपने खाते एवं एटीएम से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध करा दी गयी जिस पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके खाते से रुपये 99998/- ऑनलाईन धोखाधड़ी कर निकाल लिये गयेे।  उक्त प्रार्थना पत्र की जांच उनि निर्मल भट्ट व कानि पवन कुमार द्वारा की गयी व प्रकरण में कानि पवन कुमार द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये शिकायतकर्ता के 40000/- रुपये वापस करते हुये प्राथमिक राहत दी गयी । शिकायतकर्ता से बैंक से सम्पर्क किया गया तो ज्ञात हुआ कि शिकायतकर्ता के खाते से धनराशि मोबाइल फोन के माध्यम से Fincare Small Bank,Federal Bank, पंजाब नेशनल बैैंक के खातों में जानी पायी गयी । सम्बन्धित बैंक शाखाओं से खाताधारक का विवरण प्राप्त किया गया। अज्ञात मोबाइल धारक की जानकारी की गयी तो उक्त नम्बर पंजाब राज्य का होना पाया गया ।  प्रकरण में अभियोग पंजीकृत किया गया है ।

2- देहरादून निवासी व्यक्ति द्वारा थाना साईबर क्राईम पर शिकायत दर्ज करायी गयी  कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे फोन कर स्वंय रिश्तेदार होना बताया व शिकायतकर्ता के मना करने पर उनके घर पर फोन कर उनके पुत्र को बताया गया कि आपके पिता से पैसों के लेन-देन के सम्बन्ध में बात हुयी है तथा तुम्हारे पिता ने पैसा देने के लिये कहा है । जिस पर शिकायतकर्ता के पुत्र द्वारा विश्ववास करते हुये अज्ञात व्यक्ति द्वारा दिये गये गूगल पे नम्बर पर 12000/- रुपये भेज दिये गये । उक्त प्रार्थना पत्र की जांच उनि निर्मल भट्ट व कानि पवन कुमार द्वारा की गयी व प्रकरण में कानि पवन कुमार द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये शिकायतकर्ता के 12000/- रुपये वापस करते हुये प्राथमिक राहत दी गयी । अज्ञात मोबाइल धारक की जानकारी की गयी तो उक्त नम्बर मध्य प्रदेश/उड़ीसा/असम राज्य का होना पाया गया ।  प्रकरण अग्रिम कार्यवाही हेतु सम्बन्धित जनपद को भेजा जा रहा है ।
3- सहस्त्रधारा रोड देहरादून निवासी व्यक्ति द्वारा थाना साईबर क्राईम पर शिकायत दर्ज करायी गयी  कि उसके द्वारा ओएक्स शॉपिग एप्प पर एक एक्टिवा गााड़ी खरीदने हेतु विज्ञापन देखा व उस विज्ञापन पर अंकित मोबाइल नम्बर वाले व्यक्ति से सम्पर्क किया गया तो उसके द्वारा स्ववयं को गाड़ी का मालिक बताते हुये गाड़ी बेचने की बात कही गयी व मोबाइल नम्बर पर  की आरसी व अन्य कागजात भेजे गये । जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा उस पर विश्वास कर लिया गया , तब उक्त व्यक्ति द्वारा शिकायतकर्ता को बताया गया कि एक्टिवा जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर है, तुम वहां पर आकर ले लो । शिकायतकर्ता जैसे ही जोलीग्रान्ट एयरपोर्ट पहुंचा तो अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे झांसे में लेकर उससे गााड़ी देने के नाम पर रुपये 28000/- की धनराशि धोखाधड़ी से फोन पे के माध्यम से प्राप्त कर ली गयी। उक्त प्रार्थना पत्र की जांच उनि कुलदीप टम्टा द्वारा की गयी । उक्त अज्ञात व्यक्ति के फोन नम्बर की जानकारी की गयी तो  मोबाइल नम्बर मध्य राजस्थान राज्य का होना पाया गया ।  प्रकरण अग्रिम कार्यवाही हेतु सम्बन्धित जनपद को भेजा जा रहा है ।

साईबर सुरक्षा टिप

ध्यान रखें कि अंजान व्यक्ति द्वारा भेजे गये किसी भी पेमेन्ट गेटवे /वॉलेट/मोबाईल एप्लीकेशन पर धनराशि प्राप्त करने हेतु कभी भी न तो QR कोड स्कैन करें, और न ही UPI पिन डालें। ऐसा करने से हमेशा धनराशि आपके खाते से ही डेबिट होगी ।

खुद को कस्टमर केयर से बताकर फोन करने वाले व्यक्ति की बातों में न आयें और न ही उससे अपने वॉलेट/बैंक सम्बन्धी कोई जानकारी साझा करें ।

ऑनलाईन प्लेटफार्म पर खरीदारी या सामान बेचते वक्त द्वितीय पार्टी में तत्काल विश्वास ना करें। सामान को भौतिक रूप से देखने व विक्रेता/क्रेता से व्यक्तिगत रूप में मिलकर ही भुगतान करें ।

याद रखें कि कोई भी बैंक शाखा अपने ग्राहक को उसके बैंक खाते के सम्बन्ध में जानकारी हेतु फोन नहीं करता है।

किसी भी साईबर शिकायत / सुझाव के लिए–
संपर्क: 0135-2655900
email- ccps.deh@uttarakhandpolice.uk.gov.in

फेसबुक – https://www.facebook.com/cyberthanauttarakhand/

“ सावधान रहें सर्तक रहें  ”