सावधान: साइबर ठगों का नया पैंतरा, स्क्रीन शॉट्स को बना रहे ठगी का जरिया

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    संवाददाता
    नई दिल्‍ली, 1 नवम्बर।
    सोशल नेटव‍र्किंग साइट्स (Social Networking sites) ने सबकी जिंदगी को जितना मनोरंजक बनाया है उतना ही खतरनाक भी। साइबर ठगों ने ऐसे यूज़र्स के किये मुसीबत खड़ी कर दी है जो सोशल मीडिया बहुत एक्टिव रहते हैं। ऐसे यूजर्स के लिए बुरी खबर है। मार्केट में इन दिनों साइबर फ्रॉड का एक नया तरीका आ चुका है। अभी त‍क हैकर यूजर का फेसबुक अकाउंट हैक करके या उसके नाम से ही नया अकाउंट बनाकर यूजर के परिचितों से पैसे मांगने का चलन था लेकिन अब साइबर मार्केट में फ्रॉड का एक नया तरीका सामने आया है। यह नया तरीका पूरी तरह स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग है। जिससे बचने के लिए यूजर अपराधियों को मुंहमांगी कीमत भी देने को मजबूर हो जाता है।

    साइबर एक्‍सपर्ट्स (Cyber experts) की मानें तो यह तरीका पहले से भी ज्‍यादा खतरनाक है. इसमें व्‍यक्ति से पैसे एंठने के साथ ही सोशल मीडिया (Social Media) पर उसके आपत्तिजनक स्‍क्रीनशॉट्स भी शेयर किए जा रहे हैं, ये वे स्‍क्रीनशॉट्स हैं जो मैसेज यूजर ने किए ही नहीं हैं बल्कि उसके नाम और अकांउट से हैकर ने ही किए हैं।

    दिल्‍ली पुलिस के साथ मिलकर हैकिंग और साइबर इश्‍यूज पर काम कर रहे साइबर एक्‍सपर्ट मोहित यादव का कहना है कि आजकल साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। इनमें भी नए-नए मामले देखने को मिल रहे हैं. रोजाना ऐसे केस अमूमन आ ही जाते हैं. यह खासतौर पर उन लोगों के साथ हो रहा है जो अपने फेसबुक अकाउंट्स की डिटेल्‍स पब्लिक रखते हैं। खासतौर पर अपनी फ्रें‍डलिस्‍ट को। फेसबुक पर दोस्‍तों की लिस्‍ट को लॉक रखना आज सबसे ज्‍यादा जरूरी है. इसके अलावा फोटोज को भी पब्लिक रखना मुसीबत बन सकता है।

    ऐसे होता है स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग

    सबसे पहले अपराधी आपका असली अकाउंट देखते हैं, आपकी लिखने की भाषा, आपके पूरे व्‍यवहार को एनालिसिस करते हैं। फिर आपकी नई आईडी बनाते हैं. आपकी ही फ़ोटो लगाते हैं। फिर आपके नाम से बनी आइडी के साथ अपनी ही एक दूसरी फेक आईडी से चैट करते हैं। अगर आप महिला हैं तो ये अपनी पुरुष वाली फेक आईडी से और अगर आप पुरूष हैं तो ये अपनी महिला वाली फेक आईडी से चैट करते हैं। यह चैट आपत्तिजनक होती है।

    इस चैट का ये स्‍क्रीनशॉट खींचते हैं और आपके असली अकाउंट के मैसेंजर में भेजते हैं। फिर आपको संपर्क करने के लिए कहते हैं। जब आप मैसेंजर पर कॉल करते हैं तो ये अपनी मांग आपके सामने रखते हैं या मैसेंजर पर ही अकाउंट नंबर देकर पैसे डालने के लिए कहते हैं. ऐसा न करने पर स्‍क्रीनशॉट वायरल करने की धमकी देते हैं. चूंकि स्‍क्रीनशॉट में आपका फोटो और आपका ही नाम होता है तो इसके वायरल होने से क्‍या तकलीफ हो सकती है आप ये अंदाजा लगा सकते हैं. इस तरह ये स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग का खेल करते हैं और लोग हजारों रुपये इनके अकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं.

    मोहित कहते हैं कि साइबर फ्रॉड के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में अगर किसी का स्‍क्रीनशॉट वायरल होता दिखाई दे, तो ये जरूरी नहीं कि यह चैट उसी शख्‍स ने की है, यह हैकर और अपराधियों की साजिश भी हो सकती हA

    मोहित कहते हैं कि जरूरी है कि लोग अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी पर्सनल चीजों को पब्लिकली शेयर करने से बचें. इसके साथ ही उन लोगों को अपनी फ्रेंडलिस्‍ट में बिल्‍कुल न जोड़ें जिन्‍हें आप जानते नहीं हैं या जो पहले से आपके मित्र हैं और दोबारा उनके नाम से आपके पास फ्रेंड रिक्‍वेस्‍ट आई हो. इसके अलावा ऐसा कोई भी स्‍क्रीनशॉट आने पर पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दें.

    screen shots

    पूर्व आईपीएस बोले, ऑडियो वायरल कर ब्‍लैकमेलिंग की भी आशंका

    बिहार कैडर के पूर्व आईपीएस ध्रुव गुप्‍त का कहना है कि हाल ही में स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग के कई मामले सामने आए हैं. खुद उनके पास कई पुरुष और महिलाएं ऐसे मामलों को लेकर पहुंचेे हैं जहां कई मामलों में हैकर और अपराधियों ने लोगों का डमी अकाउंट बनाकर, उनकी फोटो लगाकर और फेक आईडी से चैट कर स्‍क्रीनशॉट भेजकर पैसे मांगे. वहीं अन्‍य मामलों में महिलाओं को बातों में फंसाकर, फ्लर्ट करके, उनकी तरफ से भी भावुक होकर कही गई बातों के स्‍क्रीनशॉट लेकर ब्‍लैकमेल कर अपराधियों ने पैसे मांगे हैं।

    गुप्‍त कहते हैं कि स्‍क्रीनशॉट चाहे झूठे हों या सच लेकिन अधिकांश लोग इन्‍हें लेकर पुलिस में जाने से भी परहेज करते हैं लेकिन लोगों को शिकायत करनी चाहिए. इसके अलावा जो खास बात है वह यह कि अभी ऑडियो ब्‍लैकमेलिंग होने की भी संभावनाएं बढ़ गई हैं. आपकी आवाज को रिकॉर्ड कर अपराधी इन्‍हें वायरल कर आपको ब्‍लैकमेल कर सकते हैं.