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उल्लंघन:  खनन व्यवसायियों ने काट दिये पंद्रह हरे पेड़, वन विभाग करेगा कार्रवाई

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सुभाष पिमोली
चमोली-  थराली विधानसभा के हरमनी से सटे नगरकोटियाणा में जिलाधिकारी चमोली ने रीवर ट्रेनिंग के पट्टे जारी किए थे। नीलामी में इस रीवर ट्रेनिंग का आधार मूल्य साढ़े नौ लाख रुपये सरकार की ओर से तय किया गया और उच्चतम बोली में रीवर ट्रेनिंग का ये पट्टा 47 लाख में बिका। खनन व्यवसायियों को खनन पट्टे तक पहुंच मार्ग की व्यवस्था खुद ही करनी पड़ती है इसलिए यहां खनन व्यवसायियों ने खनन पट्टे तक रास्ता बनाने के चलते 15 हरे ,फलदार और छायादार पेड़ों का कत्लेआम कर दिया।
नगरकोटियाणा में आवंटित खनन के पट्टे तक पहुंच मार्ग बनाने में खनन व्यवसायियों ने जिन 15 पेड़ों को काट कर गिरा दिया है, उनमें 5 पेड़ मेहल के , 4 अखरोट, 2 खडीक, 1 तिमिल, 1 भीमल, 1 नीम्बू और एक पेड़ गैथी का खनन व्यवसायियों ने काट गिराया। इसके साथ ही बीआरओ द्वारा निर्माणाधीन सड़क ग्वालदम- कर्णप्रयाग मोटरमार्ग को भी खनन व्यवसायियों ने क्षति पहुंचाई है। खनन व्यवसायियों द्वारा वन संपदा को पहुंचाई गई क्षति से तो लगता है इन्हें न ही नियमों से कोई वास्ता है और न ही प्रशासन का कोई डर। हालांकि वन विभाग ने सूचना दिए जाने पर मौके का निरीक्षण कर वन संपदा को पहुंचाए गए नुकसान का जायजा ले लिया है। वन क्षेत्राधिकारी नारायणबगड़ भवान सिंह परमार ने बताया कि खनन व्यवसायियों द्वारा 15 हरे पेड़ों को काटा गया है। वन संपदा को पहुंचाए गए नुकसान का आगणन तैयार किया जा रहा है,  जिसके बाद सम्बंधित व्यक्तियों का वन अधिनियम एक्ट में चालान कर जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी काटे गए पेड़ों की संख्या को लेकर अभी भी संशय नजर आ रहा है। रेंज अधिकारी के मुताबिक 15 हरे पेड़ों का नुकसान हुआ है, वहीं फ़ॉरेस्ट गार्ड  ने मीडिया से 12 पेड़ों के नुक़सान की बात कही है।