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समीक्षा: सरकारी विश्वविद्यालयों में धीमी प्रगति पर उच्च शिक्षा मंत्री ने लगाई फटकार

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उच्च शिक्षा में शोध कार्यों के लिए बजट में प्रतिवर्ष होगी एक करोड़ की व्यवस्था

वी.पी. सिंह बिष्ट

देहरादून, 06 जनवरी।

राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में परिषद् की बैठक हुई। जिसमें रूसा के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों में चल रहे निर्माण एवं अन्य कार्यों की धीमी गति पर विभागीय मंत्री ने असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने दून विश्वविद्यालय, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपतियों को स्वीकृत योजनाओं को नियत समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष बजट में एक करोड़ रूपये की व्यवस्था की जायेगी। जिसकी शीघ्र नियमावली बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती से 23 जनवरी सुभाष चन्द्र बोस जयंती तक राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रक्तदान पखवाड़ा आयोजित किया जायेगा। जिसमें एनसीसी के कैडेट, एनएसएस के स्वयं सेवक सहित छात्र-छात्राएं रक्तदान करेंगी। इसके लिए उन्होंने शासन के अधिकारियों को सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित करने के आदेश दिये हैं। विभागीय मंत्री ने राज्य विश्वविद्यालय के कतिपय कुलपतियों द्वारा बैठक में उपस्थित न होने पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि भविष्य में कुलपति बैठक में स्वयं प्रतिभाग करेंगे।

राज्य उच्च शिक्षा परिषद की बैठक में महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत 10 महाविद्यालयों में महिला छात्रावास निर्माण हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाने का निर्णय लिया गया। रूसा के तहत फेज-1 एवं फेज-2 के कार्यों के निस्तारिकरण हेतु 31 मार्च 2021 की तिथि निर्धारित की गई। रूसा के तहत स्वीकृत पदों का सततीकरण एवं विस्तार फेज-02 के कार्यों के पूर्ण होने तक किये जाने पर सहमति प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित साइंस काॅलेज के निर्माण हेतु भूमि चयन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा आईआईआईटी एवं आईआईएसईआर तथा महिला विश्वविद्यालय हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया निदेशालय स्तर पर जारी है। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति, एकेडमिक कैलेंडर, परीक्षा एवं परीक्षाफल एवं अवकाश कैलेंडर में एकरूपता लाने हेतु शीघ्र बैठक आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया। गत वित्तीय वर्ष 31 दिसम्बर 2020 तक प्रारम्भिक अनुदान के व्यय पर कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। भक्त दर्शन पुरस्कार की धनराशि में वृद्धि किये जाने एवं कृषि, औद्यानिकी विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों को भी पुरस्कार की प्रक्रिया में शामिल किये जाने पर सहमति व्यक्त की गई। राज्य के नौ टाॅपर छात्रों को क्रमशः एक लाख 75 हजार तथा 50 हजार के पुरस्कार योजना लागू करने संबंधी सभी सदस्यों ने उच्च शिक्षा मंत्री के विजन की सराहना की।

बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्य विश्वविद्यालय के कुलपतियों को फरवरी माह से शिक्षण कार्य प्रारम्भ करने के लिए एक बैठक आयोजित कर शीघ्र निर्णय लेने को कहा। ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था को पूर्णतः लागू करने हेतु सभी विश्वविद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों को 15 जनवरी तक 4 जी नेटवर्क सेवा से जोड़ने के निर्देश दिये गये।

बैठक में पर्यावरणविद् डाॅ. अनिल जोशी, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डाॅ. बी.एस.बिष्ट, दीप्ति रावत, प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन, कुलपति प्रो. सुनील कुमार जोशी, कुलपति प्रो. नरेन्द्र चैधरी, कुलपति डाॅ. नरेन्द्र सिंह भण्डारी, निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. कुमकुम रौतेला, निदेशक आईआईटी रूड़की प्रवीण कुमार, निदेशक आइआईएम काशीपुर वी.के.पाण्डे, एडीजी एनसीसी मेजर जनरल सुधीर बहल, सलाहकार रूसा एमएसएम रावत, प्रो. के.डी.पुरोहित, नोडल अधिकारी रूसा डाॅ. ए.एस. उनियाल, प्रतिनिधि डाॅ. ए.के.शर्मा, डाॅ.सी. तिवारी, डाॅ. आर.एस. चैहान, प्रो. अतुल जोशी, डाॅ. डी.एस बिष्ट, डाॅ. रेणु रानी, डाॅ. कुलदीप कुमार रैना, डाॅ. सुभाष गुप्ता, प्रो. विजय धस्माना सहित तमाम विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।