पलटवार: पीएम की सुरक्षा चूक मामले में कांग्रेस नेता सुरेंद्र कुमार का भाजपा पर जवाबी हमला

पलटवार: पीएम की सुरक्षा चूक मामले में कांग्रेस नेता सुरेंद्र कुमार का भाजपा पर जवाबी हमला
Spread the love

 

पंजाब के सीएम चन्नी के बचाव में उतरे कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार

केंद्रीय गृहमंत्री, गृह सचिव व जिम्मेदार सुरक्षा एजेंसियों को बर्खास्त करने की उठाई मांग

कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा युवा मोर्चा के प्रर्दशन को बताया गलत

संवाददाता
देहरादून, 06 जनवरी।

उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष व सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि भीड़ न जुट पाने के चलते फ्लाप हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बठिंडा (पंजाब) रैली की नाकामी का ठीकरा भाजपा नेता सुरक्षा चूक पर थोप रहे हैं। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालय पर किये गये प्रर्दशन की निंदा करते हुए कहा कि मोर्चा को यह प्रर्दशन केन्द्रीय गृह मंत्री के आवास पर करना चाहिए था। उन्होंने घटना को लेकर कई बिन्दु उठाते हुए कहा कि बीजेपी और उसके सहयोगी संगठन प्रधानमंत्री की रैली में भीड़ न जुटने की खीझ को सुरक्षाचूक के बहाने मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की नहीं बल्कि एसपीजी की होती है और एसपीजी सुरक्षा प्राप्त हर व्यक्ति का रूट चार्ट एसपीजी की निगरानी में होता है। पूरे रास्ते में एसपीजी के लोग अपने हिसाब से सुरक्षा घेरा बनवाते हैं। एसपीजी किसी भी क्षेत्र विशेष को या अधिकारी को अपने नियंत्रण में ले सकती है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि क्या पंजाब यात्रा के दौरान एसपीजी ने ऐसा नहीं किया ? यदि नहीं किया तो क्यों नहीं किया और नहीं करने के कारण एसपीजी के प्रमुख और गृहमंत्री से इस्तीफा कब लिया जाएगा। फिरोजपुर में जहां किसानों ने रास्ता रोका वह क्षेत्र राज्य सरकार की पुलिस के अंतर्गत आता ही नहीं क्योंकि मोदी सरकार की दखलदांजी नीति के कारण हाल ही में बॉर्डर क्षेत्र के 50 किमी क्षेत्र को बीएसएफ की निगरानी में दे दिया गया है और वो रास्ता बॉर्डर से महज़ 10 किमी दूरी पर है। तो क्या केंद्र सरकार मानती है कि बीएसएफ ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा क्षेत्र की निगरानी नहीं की ? यदि ऐसा है तो बीएसएफ के मुखिया होने के नाते गृहमंत्री इस्तीफा देंगे ? कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगने वाले पहले देश को यह बताएं कि प्रधानमंत्री को हैलीकॉप्टर से 112 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी मगर उन्होंने अचानक से कार में जाने का फैसला आखिर किसकी सलाह पर लिया और क्या 112 किमी सड़क को बिना पूर्व सूचना के सुरक्षाकर्मियों द्वारा घेर पाना सम्भव है ? उन्होंने कहा कि क्योंकि केंद्र सरकार भी जानती है कि पंजाब में किसान मोदी के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं ऐसे में आईबी की इंटेलिजेंस कहाँ थी ? क्या वो प्रधानमंत्री की सुरक्षा में होने वाली चूक को पहले नहीं भांप पाई ? और यदि आईबी को पूरी घटना की जानकारी नहीं हो सकी तो क्या आईबी के मुखिया के रूप में गृहमंत्री इस्तीफा देंगे ? भाजपा के साथी और मंत्री जो सवाल पंजाब की चन्नी सरकार से कर रहे हैं वो असल में उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री से करना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में अगर चूक हुई है तो उसके लिए एसपीजी, बीएसएफ और आईबी जिम्मेदार हैं और ये तीनों केंद्रीय विभाग गृहमंत्रालय के अंतर्गत आते हैं।

Parvatanchal