Home अपराध शिकंजा: फर्जी आर्मी कार्ड बनाने वाले गिरोह का भण्डाफोड़, तीन गिरफ्तार

शिकंजा: फर्जी आर्मी कार्ड बनाने वाले गिरोह का भण्डाफोड़, तीन गिरफ्तार

204
0

संवाददाता

देहरादून, 21 फरवरी।

एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दून में फर्जी तरीके से सेना से सेवानिवृत्ति के आइकार्ड तैयार कर विदेशों में नौकरी दिलाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों के पास से फर्जी कार्ड्स, सैन्य अधिकारियों की मुहर आदि भी बरामद की गई। बताया गया कि अब तक ये लोग सौ से अधिक लोगों को आर्मी का रिटायर्ड बनाकर अफगानिस्तान, पाकिस्तान, दुबई व इराक आदि देशों नौकरी के लिए भेज चुके हैं।

स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड की ओर से बुधवार देर रात छापेमारी कर तीन व्यक्तियों को आर्मी के फर्जी आइकार्ड मामले में गिरफ्तार किया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गोपनीय सूचना मिली थी कि एक्स आर्मी पर्सनल के फर्जी कार्ड बनाने का एक रैकेट चल रहा है। इस कार्ड पर सौ से ज्यादा लोग विदेश खासकर अफगानिस्तान आदि जगहों पर नौकरी के लिए गए है। राजधानी में आर्मी के फर्जी कार्ड बनाने का यह एक तरीके का नया मामला है।
एसटीएफ को मिली थी सूचना
फर्जी कार्ड से विदेश भेजने की सूचना के आधार पर प्रभारी एसटीएफ अजय सिंह ने निरीक्षक संदीप नेगी के नेतृत्व में उप निरीक्षक यादवेंद्र बाजवा एवं आर्मी इंटेलीजेंस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। सूचना मिली कि दूधली रोड मोथरोवाला निवासी विक्की थापा नाम का व्यक्ति सेना के फर्जी दस्तावेज बनवाकर विदेश जाने की तैयारी कर रहा है। इस सूचना के आधार पर दिनांक 20 जनवरी की रात को एसटीएफ एवं आर्मी इंटेलीजेंस की संयुक्त टीम ने दूधलीरोड, मोथरोवाला स्थित इन्द्रपुरी फार्म के पास से विक्की थापा को पकड़ कर उससे पूछ-ताछ की।
छापे में मिले फर्जी दस्तावेज
उसकी जेब से सेना से संबंधित कुछ दस्तावेज बरामद हुए। उसने बताया कि जोहड़ी गांव में रघुवीर सिंह नाम का व्यक्ति इसी प्रकार से सेना के फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को विदेश भिजवाने का काम करता है। इसके एवज में लोगों से भारी धन वसूलता है। इस सूचना पर एसटीएफ टीम ने थाना राजपुर क्षेत्र के जोहड़ी गांव में रघुवीर सिंह के घर जाकर पूछताछ की। उसके घर से बैड के अन्दर से सेना से संबंधित कुछ दस्तावेज, 20 मोहरे व 90 सेना की पुस्तिका, जिनमें से 44 भरी हुई थी, बरामद की गई।
प्रिंटिंग प्रेस से तैयार किए गए दस्तावेज
रघुवीर सिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने सेना के ये दस्तावेज भैरवदत्त कोटनाला की बंजारावाला स्थित ओम जय श्री प्रिन्ट एण्ड स्टेशनरी नाम की प्रिन्टिंग प्रेस से तैयार कराए। उसकी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने भैरवदत्त के घर पर जाकर उससे प्रिन्टिंग प्रेस के बारे में पूछ-ताछ की। उसकी प्रिन्टिंग प्रेस के कंप्यूटर की जाँच पड़ताल करने पर सेना के फर्जी दस्तावेजों की प्रिटिंग इस प्रेस में होने की पुष्टि हुई।
सौ से अधिक लोगों को भेज चुके हैं विदेश
तीनों आरोपियों से मिली जानकारी से पता चला कि सेना के फर्जी दस्तावेज तैयार कर अब तक लगभग 100 से अधिक लोगों को विदेश भेजा जा चुका है। इस संबंध में एसटीएफ व आर्मी इंटेलीजेंस की ओर से उक्त व्यक्तियों के विदेशों में संबंध होने के बारें में जानकारी जुटाई जा र ही है। साथ ही तीनों के बैंक खातों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। साथ ही ये भी देखा जा रहा है कि कहीं इनके किसी आतंकवादी संगठन से तो संबंध नहीं हैं। इन व्यक्तियों की ओर से फर्जी पासपोर्ट बनाये जाने की बात भी प्रकाश में आई है।
अपराध का तरीका
गिरफ्तार किये गये गये तीनों आरोपियों ने बताया गया कि उनके द्वारा लागों को सेना का रिटायर्ड व्यक्ति बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें अफगानिस्तान, पाकिस्तान, दुबई व इराक आदि देशों में नौकरी दिलवाने के नाम पर मोटी रकम वसूल की जाती थी। गिरफ्तार किया गया अभियुक्त रघुवीर सिंह पाल सेना का रिटायर्ड है। वह ग्राम जोहड़ी का वर्ष 2008 से 2013 तक उप प्रधान भी रह चुका है । पूछ-ताछ में कुछ प्लेसमेंट एजेंसी के नाम भी प्रकाश में आए हैं। इनके सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है।
इन्हें किया गिरफ्तार
-विक्की थाना पुत्र कुमार बहादुर थापा, दूधली ग्राम बड़कली, थाना क्लेमनटाउन देहरादून।
-रघुवीर सिंह पुत्र बख्तावर सिंह, निवासी जोहड़ी थाना राजपुर, देहरादून।
-भैरवदत्त कोटनाला पुत्र आशाराम कोटनाला निवासी पंचायत भवन रोड बंजारावाला, थाना पटेलनगर, देहरादून।
बरामदगी
– सेना की 100 पुस्तिका खाली- Discharge Book Army AUTH-ASEG23
– 135 सार्टीफिकेट
– 03 पुस्तिका भरी हुई
– 67 पुस्तिका खाली Army.
– 59 पुस्तिका खाली Discharge Book Army Blue.
– 48 पुस्तिका खाली Discharge Book Army Green.
-सेना के कार्यालय, विभिन्न अधिकारियों की 20 मोहरे व 02 पैड
– 04 मोबाईल फोन
– 01 कम्पूटर