Home अपराध खुलासा: प्रेम प्रसंग के चलते हुई थी अमित की हत्या 

खुलासा: प्रेम प्रसंग के चलते हुई थी अमित की हत्या 

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 संवाददाता

हल्द्वानी, 3 जनवरी ।

पत्नी से प्रेम प्रसंग के चलते ढाबा चलाने वाले अमित की हत्या की गयी थी। बहुद्देशीय भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुये एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि शालिनी पुत्री मंगल कुमार निवासी ब्यूरा खाम चांदमारी थाना काठगोदाम ने अपने भाई अमित कुमार की गोली मार कर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें निकिता पुत्री दिनेश कुमार, दिनेश कुमार, मीना देवी पत्नी दिनेश कुमार, अंकिता व कथिता को नामजद किया था।

विवेचक थानाध्यक्ष भगवान महर ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी हरीश पन्त पुत्र स्व. रमेश चन्द्र पन्त निवासी व्यूरा खाम चांदमारी काठगोदाम को 2 जनवरी को कालीचौड़ से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद हरीश ने घटना में इस्तेमाल तमंचा 315 बोर, एक खोका कारतूस, घटना के दिन पहनी पैन्ट व घटना में प्रयुक्त की गयी मोटर साइकिल एवं दो मोबाइल बरामद करवाए। हरीश ने बताया कि अमित के परिवार के साथ पूर्व में होटल का व्यवसाय खोला था। व्यवसाय में दोनों के बीच मनमुटाव के बाद आपसी रंजिश हो गयी थी। उसके बाद घटना से 6-7 दिन पूर्व हरीश ने अपनी पत्नी के मोबाइल में अमित के व्हाट्सएप मैसेज देखे थे जिस पर उसने अपनी पत्नी को भी समझाया था। उसने अमित को मारने की प्लानिंग बनायी थी।

हरीश ने बताया कि 2-3 बार सलड़ी, चन्दा देवी में इसके होटल के पास भी मास्क पहनकर इसे मारने के लिए गया था, मगर वहां पर बाप-बेटे दोनों बैठे थे। हरीश ने बताया, क्योंकि उसके पास एक ही गोली थी, इसलिए उसे अकेले मारने की प्लानिंग बनायी थी। रेकी से यह पता कर लिया था कि इसके घर आने का समय 6 से लेकर 7 बजे का था। घटना के दिन भी दारू पीकर मैंने बाईक कनाल रोड पर खड़ी की और उसकी गली में चला गया। जब वापस मुडकर नीचे को आ रहा था, तभी अमित की मोटरसाइकिल सामने आ गयी और मैंने भी मौका देखते ही गोली मार दी और वहां से भाग गया। बाद में मोटरसाइकिल लेकर हाईडिल होते हुये घर को गया और लोगों को दिखाने के लिए दुकान के पास में भी खड़ा हो गया था।

उसके बाद दूसरे दिन अमित के घर पर भी गया था और शव आने से पहले ही शमशान घाट चला गया था। ताकि मुझ पर कोई शक न करे। एसएसपी ने बताया कि हरीश घटना के दिन घर से स्वेटर पहन कर निकला था व केनाल रोड पर जाकर जैकेट व टोपी मास्क पहनकर घटना को अंजाम देने गया था और बाद में  जैकेट को नहर में फेंक दिया था ताकि कोई शक न कर सके और ना ही तलाश सके।