Home उत्तराखंड राहतः जीवन रक्षक निधि का लाभ अब पुलिसकर्मी के परिवार को मिलेगा

राहतः जीवन रक्षक निधि का लाभ अब पुलिसकर्मी के परिवार को मिलेगा

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संवाददाता
देहरादून, 18 दिसंबर

डीजीपी अशोक कुमार चार्ज संभालने के बाद से ही राज्य में पुलिस के आधुनिकीरण व पुलिस कर्मियों की समस्याओं का प्रमुखता से समाधान करने में जुटे हुए हैं।
डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस मुख्यालय में उत्तराखण्ड पुलिस जीवन रक्षक निधि की नियमावली की समीक्षा करते हुए पुलिस कर्मियों को बड़ी राहत दी है। जीवन रक्षक निधि अभी तक केवल गंभीर बीमारी के लिए ही थी परंतु अब किसी भी बीमारी हेतु जिसमें 50 हजार रूपये से अधिक का खर्च होना होए पुलिसकर्मी अग्रिम धनराशि ले सकता है।
अभी तक यह निधि केवल पति—पत्नी व उनके बच्चों हेतु ही थी, परंतु अब पुलिसकर्मी के माता—पिता, सास—ससुर, अविवाहित पुत्र/पुत्री (कोई आयु सीमा नहीं) जो उन पर पूर्णतः आश्रित हों इसका उपयोग कर सकते हैं।
वहीं जीवन रक्षक निधि में बढ़ोतरी की गई है। जनपद स्तर पर 20 हजार से बढ़ाकर 50 हजार तक, परिक्षेत्र स्तर पर 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख तक, पुलिस मुख्यालय स्तर पर एक लाख से अधिक किसी भी सीमा तक,सरकारी या गैर सरकारी अस्पताल में तैनात पंजीकृत एमबीबीएस चिकित्सक द्वारा बीमारी के उपचार हेतु दिया गया अनुमानित व्यय जीवन रक्षक निधि लेने हेतु मान्य होगा।
किसी भी कर्मी द्वारा किसी भी स्तर (जनपद, परिक्षेत्र या पुलिस मुख्यालय) पर यदि जीवन रक्षक निधि हेतु आवदेन किया जाता है, तो वह एक ही दिन में स्वीकृत की जाएगी, जिससे उसे समय पर उपचार की सहायता मिल सके।