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वसूली: बड़े बकायादारों पर होगी सख्त कार्रवाई, सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने की घोषणा

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राज्य में हर विकासखंड में होगा एफपीओ का गठन, मुख्यमंत्री घस्यारी योजना को विस्तार देने पर जोर 

वी.पी. सिंह बिष्ट 
देहरादून, 23 मार्च।

उच्च शिक्षा, सहकारिता, प्रोटोकाॅल, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभा कक्ष में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय मंत्री डा. रावत ने राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों के बड़े बकायादारों के खिलाफ ऋण वसूली हेतु कानूनी कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिये। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों, बेरोजगारों को और स्वयं सहायता समूहों को दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना का लाभ देने में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाय।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सहकारी बैंकों का कुल 665 करोड़ रुपया बकाया था जिसमें से 230 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है तथा 31 मार्च तक और वसूली होने की उम्मीद है। इसके बावजूद हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर एवं नैनीताल जनपदों में एक डेढ़ दर्जन ऐसे बकायादार हैं जिनके खाते एनपीए हो चुके हैं। वे अभी भी अपने बकाया का भुगतान नहीं कर रहे हैं। ऐसे बकायादारों के विरुद्ध बैंक ने वसूली की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। जिला सहकारी बैंक टिहरी के अध्यक्ष सुभाष रमोला ने बताया कि उनके द्वारा जनपद टिहरी में सर्वाधिक 26 करोड़ की ऋण वसूली की गई है। बैठक में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, बजट प्राविधान, बैंक की नई शाखाएं खोली जाने, एनसीडीसी परियोजना तथा मुख्यमंत्री घस्यारी योजना की समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एनसीडीसी परियोजना के तहत गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में एक-एक हजार मशरूम उत्पादन यूनिट तथा एक-एक हजार मौन पालन यूनिट स्थापित किये जाने हेतु डीपीआर तैयार की जा रही है। इसी प्रकार 10 मार्केटिंग समितियों के संरचनात्मक विकास का गठन किया जा रहा है तथा 48 ई-डिजीटल प्लेटफार्म साॅल्यूशन की स्थापना की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखंड स्तर पर एनसीडीसी के माध्यम से 100 एफपीओ का गठन किया जाना है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में चार जनपदों हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में 25 एफपीओ गठित करने का लक्ष्य निर्धारित है, जबकि राज्य के पर्वतीय जनपदों में भी एफपीओ गठन की कार्यवाही गतिमान है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री घस्यारी योजना के अंतर्गत यावसायिक पार्टनर के सहयोग से साइलेज (पौष्टिक चारा) यूनिट स्थापित की जा रही है। जिसके तहत साइलेज की 20 किलोग्राम की पैकिंग कर पशुपालकों को उपलब्ध कराई जायेगी।

बैठक में सचिव सहकारिता आर मीनाक्षी सुन्दरम, प्रभारी अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, अपर निबंधक आनन्द शुक्ला, उप निबंधक नीरज बेलवाल, एम.पी. त्रिपाठी, रमिन्द्री मन्द्रवाल, मान सिंह सैनी, महाप्रबंधक राज्य सहकारी बैंक के.एस. बिष्ट, सहायक महाप्रबंधक वंदना लखेड़ा सहित औद्योगिक ईकायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।