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राज-काज: डॉ रावत का आपदा प्रबंधन पर जोर,  ग्राम पंचायतों में प्रशिक्षण तो विश्वविद्यालयों में होगा कोर्स   

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महिला-युवक मंगलदल, वन एवं ग्राम प्रहरी तथा पंचायत सदस्यों को मिलेगी आपदा प्रबंधन किट

वी.पी. सिह बिष्ट 
देहरादून  17 मार्च।                                                      प्रदेश के सहकारिता, उच्च शिक्षा एवं आपदा प्रबन्धन मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने आज विधान सभा स्थित अपने कक्ष में आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी 7200 ग्राम पंचायतों में महिला मंगलदल, युवक मंगलदल, वन प्रहरी, ग्राम प्रहरी एवं पंचायत सदस्यों को आपदा प्रबन्धन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षित युवाओं को आपदा किट भी उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा राज्य के विश्व विद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों में यूजीसी मानकों के अनुरूप छात्रों को आपदा प्रबन्धन का सर्टीफिकेट कोर्स कराया जायेगा।
डाॅ धन सिंह रावत ने कहा कि शीघ्र ही आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग का ढांचा भी स्वीकृत किया जायेगा ताकि विभाग आपदा के समय में अपनी पूर्ण क्षमता के अनुसार कार्य कर सकें। उन्होंन बताया कि आने वाले समय में पूरे प्रदेश में विशेषज्ञों से सर्वे करा कर आपदा सम्भावित क्षेत्रों एवं गांवों को चिन्हित कर पुनर्वास की योजना तैयार की जायेगी। इसके लिए यूसैक, वाडिया संस्थान एवं जीएसआई संस्थानों के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की एक स्थायी समिति बनाई जायेगी। जो समय समय पर राज्य भर में आपदा सम्भावित क्षेत्रों का अध्ययन कर सरकार को आपदा से सम्बन्धित रिपोर्ट एवं सुझाव देगी। उन्होंन विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि 31 मार्च से पूर्व आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विषय पर यूसैक के तत्वावधन में एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जाय। जिसमें समस्त जिलाधिकारी, जिला आपदा अधिकारी एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जायेगा। इसके पश्चात प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सेमिनार में आये सुझावों के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जायेगी। विभागीय मंत्री डाॅ रावत ने आज आपदा मद से हरिद्वार कुम्भ के लिए 18 करोड़ की धनराशि का भी अनुमोदन किया, जो कि कुम्भ में तैनात अधिकारियों एवं सुरक्षा बलों, पुलिस तथा स्वस्थ्य कर्मियों के आरटीपीसीआर जांच पर खर्च की जायेगी।
बैठक में सचिव आपदा बी मुरूगेशन, यूसैक के निदेशक डाॅ एम पी एस बिष्ट, आई आईटी रुड़क के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक शमीम अन्सारी, आपदा प्रबन्धन विभाग के संयुक्त सचिव, उप सचिव, अनु सचिव सहित तमाम अधिकारी उपस्थित थे।