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छापामारी: गदरपुर में विजिलेंस टीम को बनाया बंधक

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एसडीओ सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग कर बचाई जान, जेई को पुलिस ने छुड़ाया

संवाददाता

गदरपुर, 16 जनवरी।  

हल्द्वानी से गदरपुर में छापेमारी के लिए पहुंची विजिलेंस की टीम के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। ग्राम पत्थर कुई में गई टीम ने पुलिस को दी तहरीर में छापेमारी के दौरान बंधक बनाने और धक्कामुक्की करने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम ग्राम पत्थर कुई में पूर्व बीडीसी नेता अशफाक हुसैन के घर छापामारी की। उनके घर में विद्युत मीटर नहीं पाया गया। इस संबंध में टीम द्वारा पूछताछ करने के दौरान उस घर के लोगों द्वारा विजिलेंस टीम के साथ धक्का-मुक्की कर अभद्रता करनी शुरू कर दी और विजिलेंस टीम को परिजनों व ग्रामीणों द्वारा घेर कर बंधक बना लिया गया। आरेाप है कि इस दौरान इन लोगों ने गदरपुर विद्युत विभाग के जेई विद्याधर पाठक के साथ छीना झपटी भी की। इस छीना झपटी में जेई के कपड़े भी फट गए।

एसडीओ अंशुल मदान सहित विजिलेंस टीम के आए अन्य कर्मचारियों द्वारा मौके से भाग कर जान बचाई गई। जिसकी सूचना गदरपुर पुलिस को मिलते ही थाना अध्यक्ष अरविंद चौधरी द्वारा भारी पुलिस फोर्स के साथ ग्राम पत्थरकुई पहुंच कर जेई विद्याधर पाठक को परिजनों से मुक्त कराया।

इसके बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। विजिलेंस टीम के अधिकारियों का कहना था कि अशफाक हुसैन के घर पर मीटर नहीं लगा था। उनका कहना है की पूर्व में भी इनके घर पर छापामारी हुई थी इसके बावजूद बिना मीटर के विद्युत का उपयोग किया जा रहा था। वहीं अशफाक हुसैन का आरोप है विद्युत विभाग की टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा घर की महिलाओं के साथ अभद्रता की गई है।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा मीटर लगाने के लिए पहले भी कई बार विद्युत विभाग में आवेदन दिया जा चुके है। जिसके लिए शुल्क भी जमा करवा दिया गया है। विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा उनकी बात को अनसुना किया गया और पूर्व में बिना कोई सूचना दिए उनके घर पर आकर छापामारी के दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। यह भी आरोप लगाया कि टीम में शामिल लोगों ने उनकी नवविवाहिता पुत्री के साथ मारपीट की है एवं उनके जेवरात आदि भी छीन लिये हैं।

जिसके बाद थानाध्यक्ष अरविंद चौधरी के समझाने बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए एवं दोनों पक्षों को थाने ले आए। देर शाम तक विजिलेंस के अलावा दूसरे पक्ष की ओर से तहरीर नहीं आई थी।