Home राजनीति प्रतिक्रिया:  नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बयान पर हरदा की तल्ख टिप्पणी,...

प्रतिक्रिया:  नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बयान पर हरदा की तल्ख टिप्पणी, कहा- जख्मों पर नमक छिड़कने की कोशिश

145
0

संवाददाता
देहरादून, 28 फरवरी।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार की संयुक्त राष्ट्र संघ से ग्रीन बोनस की माँग करने की बात पर चुटकी लेते हुए पूछा है कि क्या संघीय व्यवस्था में राज्य सरकारें सीधे संयुक्त राष्ट्र संघ में अपने मामले उठा सकती हैं?

उन्होंने कहा कि यदि परस्पर राज्यों के विभिन्न मामले सीधे संयुक्त राष्ट्र संघ में राज्य उठाने लगेंगे तो बहुत अटपटी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो जायेंगी। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष हैस्को ग्राम पहुंचे, बहुत अच्छा लगा। मगर उन्होंने ग्रीन बोनस को लेकर एक अटपटा बयान दिया है, जिसने हमारे जख्मों पर नमक छिड़का है। हमको केवल एक बार केंद्र सरकार ने ग्रीन बोनस दिया है, वो UPA की सरकार के वक्त में मिला है। मगर सरकार परिवर्तन के साथ ही ग्रीन बोनस का मामला समाप्त हो गया। इस बार उम्मीद जगी थी, मगर उस उम्मीद पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष महोदय ने न केवल पानी डाल दिया है बल्कि विषैला पानी डाल दिया है।

उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड को UNO के पास ग्रीन बोनस के लिए अपील करनी चाहिये थी। क्या संघीय व्यवस्था में राज्यों को यह अनुमति है कि वो अपने ग्रीन बोनस या दूसरी किसी भी मांग को लेकर के संयुक्त राष्ट्र संघ में जा सकें? हमको ऐसा रास्ता दिखा दिया कि हम घर मांग रहे थे और हमसे कहा कि वो आसमान पर चंद्रमा है, वहां आपके लिए घर बनाया जायेगा, आप वहां चले जाइए तो ये उत्तराखंड के विवेक पर एक चोट है, एक अपमान है। इसकी क्षतिपूर्ति तभी हो सकती है जब नीति आयोग उत्तराखंड को पर्यावरणीय सेवाओं के लिए ग्रीन बोनस देने की केंद्र सरकार के पास संस्तुति करे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने उत्तराखंड को निराश किया है ।