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पर्व:  जानिए,  मकर संक्रांति पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए….!

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 देहरादून- सनातन धर्म में मकर संक्रांति का त्योहार बड़े त्योहारों मे से एक माना जाता है। यह पर्व नए साल के आगमन के साथ जनवरी के पहले पखवाड़े में मनाया जाता है. माना जाता है कि इस दिन सूर्य भगवान मकर राशि में प्रवेश करते हैं. सूर्य के एक राशि से दूसरी में प्रवेश करने को संक्रांति कहते हैं. दरसल मकर संक्रांति में ‘मकर’ शब्द मकर राशि को इंगित करता है जबकि ‘संक्रांति’ का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है. चूंकि सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इस समय को ‘मकर संक्रांति’ कहा जाता है. मकर संक्रान्ति पर्व को कहीं-कहीं उत्तरायण भी कहा जाता है. इस दिन गंगा स्नान कर व्रत, कथा, दान और भगवान सूर्यदेव की उपासना करने का विशेष महत्त्व है.
   मकर संक्रांति का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है. ऐसे में मकर संक्रांति मनाने के कुछ नियम दिए गए हैं, इनका पालन सही से करेंगे तो जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे. जानिए कि मकर संक्रांति पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.
मकर संक्रांति पर क्या करें-
 
मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का बहुत महत्व है. दूर-दूर से लोग इस दिन गंगा नदी में स्नान करने पहुंचते हैं.
गंगा के अलावा अन्य पवित्र नदियों में भी स्नान किया जाता है. यदि आप नदी में स्नान नहीं कर सकते तो अपने घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें.
 स्नान करने के बाद सूर्य भगवान को जल चढ़ाएं. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देवता की पूजा करने से जीवन में खुशियां आती हैं.
संक्रांति पर भगवान शिव, विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा भी करें.
मकर संक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व है. गरीबों को अन्न, कपड़ें आदि दान करें. गाय को चारा खिलाएं और सेवा करें. पौधे लगाएं.
घर में नया झाड़ू खरीद कर लाएं, इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी.
अपने बड़ों का आशीर्वाद लें, उनका आदर-सम्मान करें.
संक्रांति के दिन अपनी तिजोरी में रखे जेवरातों को निकालें और उन्हें गंगाजल से धोएं. इसके बाद उनपर हल्दी लगाकर पहनें.
घर में तिल और खिचड़ी बनाएं और ब्राह्मण भोज के बाद निर्धनों को दान करें. अपने परिवार के साथ बैठकर खुद भी खाएं.
मकर संक्रांति पर क्या न करें
  • मकर संक्रांति के दिन आपको तन के साथ-साथ मन भी साफ रखना चाहिए. इस दिन जिनसे भी मिलें, उनसे आदर और प्रेम से बात करें. किसी का दिल न दुखाएं.
  • मकर संक्रांति के दिन पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं. हो सके तो हरी सब्जियां, फल वगैरह का सेवन भी न करें. फूल, पत्ती आदि न तोड़ें. तुलसी को नुकसान भी न पहुंचाएं.
  • मकर संक्रांति के त्योहार पर घर में बड़ों का अनादर न करें. भगवान सूर्य और शनि देव आपसे रूठ सकते हैं.
  • मकर संक्रांति के दिन काले रंग के कपड़ों से परहेज करें. काला वस्त्र धारण न करें.
  • मकर संक्रांति के दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए. आलू, लहसून, प्याज आदि जमीकंद समेत मांसाहार भोजन का सेवन न करें.
  • मकर संक्रांति के दिन शराब का सेवन करना वर्जित है, भूलकर भी मद्यपान न करें.
  • किसी भी गरीब अथवा पशु को दान करते समय दुर्भावना मन में न लाएं. पुराना अथवा बासी भोजन दान न करें.