Home Home आपदाग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन की बचाव एवं राहत टीमों ने मोर्चा संभाला

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन की बचाव एवं राहत टीमों ने मोर्चा संभाला

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देहरादून- बादल फटने के कारण हुई भारी तबाही के शिकार हुए पीड़ितों की मदद के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है।
रविवार को प्रातः लगभग चार बजे उत्तरकाशी जनपद के तहसील मोरी के अन्तर्गत ग्राम माकुड़ी, आराकोट, मोल्डा, सनेल गांव, टिकोची एवं दुचाणु जोटाई गोकुल में बादल फटने से जन-धन की भारी क्षति होने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी ने सोमवार को सचिवालय में मीडिया को ब्योरेवार इसकी जानकारी दी। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि सोमवार अपराह्न एक बजे तक की सूचना के अनुसार अब तक कुल 10 व्यक्तियों की मृत्यु और 6 लोगों के लापता होने का पता चला है जबकि 4 घायलों को एयरलिफ्ट कर दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सचिव आपदा प्रबंधन श्री नेगी ने बताया कि युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। इस अवसर पर आई.जी.एसडीआरएफ संजय गुंज्याल भी उपस्थित थे। श्री नेगी द्वारा उपलब्ध कराए गए बचाव और राहत कार्य में लगी विभिन्न टीमों का विभागवार विवरण इस तरह है –
स्वास्थ्य विभाग-
डाॅ. आर.सी. आर्य तथा डाॅ.विकास सेमवाल के नेतृत्व में पहली टीम तथा डाॅ. मयंक एवं डाॅ. रफ्फी के नेतृत्व दूसरी टीम सहित स्वास्थ्य विभाग की 2 टीमों द्वारा आराकोट पहुंचकर प्रभावितों को चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की जा रही है।
देहरादून के राजकीय कोरोनेशन अस्पताल से आपदाग्रस्त क्षेत्र मोरी के लिये डाॅ. विजय सिंह पंवार, आर.सी. पुरोहित एवं डाॅ. प्रवीन तायल को आराकोट भेजा जा रहा है। डाॅ. जगदीप बिष्ट, केदार राजवंशी (फार्मासिस्ट) तथा विजयपाल (सफाई नायक) की टीम के साथ-साथ डाॅ रोहित भण्डारी, ऐलम सिंह (फार्मासिस्ट) तथा जगमोहन (वार्ड ब्वाय) की टीमें बड़कोट में स्टैण्ड बाई रखी गई हैं।
पशुपालन विभाग-
घटनास्थल ग्राम टिकोची में डॉ सुनील गुप्ता, पशुचिकित्सा अधिकारी नैटवाड़, कपिल देव चौहान पशुधन प्रसार अधिकारी टिकोची एवं 3 पशुधन सहायकों की टीम द्वारा पशुओं की चिकित्सा व अन्य राहत कार्य किया जा रहा है। सोमवार को उपरोक्त टीमों द्वारा आराकोट में राजकीय इण्टर कालेज में पशु चिकित्सा हेतु कैम्प लगाकर कार्य किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के पशुओं के लिए यदि चारा समस्या उत्पन्न होती है तो नैटवाड़ व पुरोला में कम्पैक्ट फीड ब्लाॅक का भण्डार प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। वहां से प्रभावित क्षेत्र में ब्लाॅक शीघ्र उपलब्ध करा दिये जायेंगे। कार्यरत टीम के पास पशु चिकित्सा दवा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
पेयजल विभाग-
विकासखण्ड मोरी तथा आराकोट में अलग-अलग स्थानों पर 12 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। उपरोक्त क्षतिग्रस्त योजनाओं को सुचारु किये जाने का कार्य किया जा रहा है।
पुलिस विभाग-
आपदा प्रभावित क्षेत्र आराकोट में एक वायरलैस सैट स्थापित किया गया।
18 हैण्ड हैल्ड सैट, 5 स्टेटिक्स सैट, 4 सोलर प्लेट व 3 एसएमपीएस लेकर एक टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुकी है। आपदा प्रबंधन सचिव श्री नेगी के अनुसार एसओ मोरी के साथ 12-13 लोगों की एक टीम, जिसमें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिसकर्मी शामिल हैं, माकुड़ी पहुंच गयी है।
लोक निर्माण विभाग-
आराकोट के माकुड़ी क्षेत्र में नदी में पानी की मात्रा कम हो गयी है। हैलीकाॅप्टर उतारने हेतु जी.आई.सी. आराकोट के मैदान में तथा माकुड़ी क्षेत्र हेतु ग्राम-डगोली में अस्थायी हैलीपैड बनाये जा रहे हैैं।
विद्युत विभाग-
33/11 केवी सब स्टेशन त्यूनी से एक फीडर निकलता है रायमजोक फीडर । इस से 30 प्रतिशत सप्लाई विकासनगर तथा 70 प्रतिशत सप्लाई आराकोट के लिए जाती है। विकासनगर का 2-3 का स्पेन जो डैमेज था, ठीक कर दिया गया है। अभी 700-800 मीटर आराकोट की लाईन पर कार्य हो रहा है जो कि 11 केवी स्विचिंग स्टेशन पर जाती है। इसके अलावा 11 केवी स्विचिंग स्टेशन से आराकोट तक की विद्युत लाईन क्षतिग्रस्त हो गयी है। इसलिए स्विचिंग स्टेशन से आराकोट तक विद्युत आपूर्ति बाधित है। जिस कारण आराकोट से आगे गांवों की सप्लाई बाधित हो गई है। वर्तमान में वर्षा शुरू होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
11 के.वी. सब स्टेशन से एक अन्य लाईन निकलती है जो कोटीगाड़ से आराकोट को जोड़ती है, इस पर कार्य चल रहा है। कार्यपूर्ण होते ही आराकोट की सप्लाई शाम तक सुचारु कर दी जायेगी। मोरी ब्लाॅक के अंतर्गत आराकोट के आस-पास के क्षेत्र के लगभग 38 गांवों की विद्युत आपूर्ति विद्युत लाईनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण बाधित है। वस्तुस्थिति का निरीक्षण करने के बाद उक्त क्षतिग्रस्त विद्युत लाईनों को सुचारु करने हेतु स्थानीय कर्मचारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गये हैं। वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति सुचारु किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
खाद्य विभाग-
जिला पूर्ति अधिकारी एवं पूर्ति निरीक्षक प्रभावित स्थल पर तैनात कर दिए गए हैं। उपायुक्त खाद्य, गढ़वाल संभाग प्रभावित क्षेत्र हेतु प्रातः रवाना हो गये हैं, जिनका दूरभाष नम्बर- 9068854009 है। राजकीय खाद्यान गोदाम आराकोट में पर्याप्त मात्रा (170 कुंतल गेहूं तथा 300 कुंतल चावल) में उपलब्ध है। क्षेत्र में अगस्त माह का खाद्यान्न वितरित कराया जा चुका है। दूरस्थ क्षेत्रों में सितंबर माह का खाद्यान्न भी प्रेषित कर दिया गया है। आराकोट क्षेत्र के लिए पुरोला से सोमवार को रसोई गैस का एक ट्रक रवाना किया गया है। क्षेत्र के उपभोक्ताओं को त्यूनी गैस एजेंसी से भी घरेलू गैस उपलब्ध करायी जा रही है।
आराकोट में 3 स्थानों पर खाने के लिए कैम्प (खाद्यान्न गोदाम आराकोट, जीआईसी आराकोट तथा प्राथमिक विद्यालय आराकोट) चलाये जा रहे हैं। शनिवार को लगभग 400 लोगों को भोजन कराया गया। सोमवार की प्रातः त्यूनी (देहरादून) से भोजन की व्यवस्था हेतु आटा, दाल, चावल, मसाले, चाय, माचिस, चीनी, मिल्क पाउडर, गुड़, भुना चना, बिस्किट, तेल, नमक तथा पानी की बोतलें आदि जरूरी सामान आराकोट के लिए भिजवाया गया था जो आराकोट में प्राप्त हो गया है। प्रभावित क्षेत्र के आस-पास स्थित पेट्रोल पम्पों में पर्याप्त मात्रा में डीजल पेट्रोल की सुचार उपलब्धता के लिए सभी आयल कंपनीज के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसकी समीक्षा भी की जा रही है।
प्रभावित क्षेत्र के निकट हिमाचल प्रदेश के टन्द्राणी में पेट्रोल/डीजल पंप में पर्याप्त उपलब्धता के लिए हिमाचल प्रदेश के आयल कंपनी के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। आराकोट में सोमवार से लंगर चल रहा है, जिसमें लगभग 400 लोगों को भोजन कराया गया है। प्रभावित नौ गांवों में राहत सामग्री (चावल, दाल, नमक, मसाले, तेल, चीनी, दूध एवं चाय पत्ती आदि) पहुंचायी जा रही है।
खोज एवं बचाव कार्यों की सचिव आपदा प्रबन्धन विभाग एवं पुलिस महानिरीक्षक (एसडीआरएफ) द्वारा प्रभावित स्थल पर पहुंचकर समीक्षा की गयी। सचिव (प्रभारी), आपदा प्रबन्धन व आपदा प्रबन्धन हेतु नामित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों तथा स्टाफ के अन्य कर्मचारियों द्वारा राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र में उपस्थित रह कर समन्वय व खोज एवं बचाव कार्य के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
एसडीआरएफ की बड़कोट सब टीम घटना स्थल आराकोट से माकुड़ी के लिए चली गई है। एसडीआरएफ की चकराता सब टीम त्यूनी, आराकोट में पहुंच गयी है। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें माकुड़ी से घटनास्थल आराकोट में पहुंच गयी हैं।
आई.टी.बी.पी. की आपदा खोज एवं बचाव टीम मोरी और राजस्व टीम घटना स्थल के लिए रवाना हो चुकी है।
हैलीकॉप्टर द्वारा 4 घायलों को दून हास्टिपल देहरादून लाया गया है। एयरफोर्स का एक हैलीकॉप्टर जौलीग्राण्ट से खाद्य सामग्री लेकर मोरी पहुंच गया है।