Home अपनी बात प्रार्थना: नये साल पर पर्वतांचल के संपादक ने आप सबकी तरफ से...

प्रार्थना: नये साल पर पर्वतांचल के संपादक ने आप सबकी तरफ से क्या कामना की है ? आप भी पढ़िए….

153
0

दूर दुःखों का कर अंधियारा,
सुख का कर विस्तार प्रभू ।
बहा ज्ञान  की गंगा निर्मल ,
बरसा  जग में  प्यार प्रभू ।
         कोई किसी को बुरा कहे ना।
         ख़ून किसी का कहीं बहे ना।
         मेहनत का फल मिले सभी को,
         भूखा   कोई  पेट  रहे  ना ।
हो धरती पर हासिल सबको,
जीने  का  अधिकार  प्रभू ।
बहा ज्ञान की गंगा निर्मल,
बरसा  जग  में  प्यार प्रभू।
          लालच  में  ना डूबे नीयत ।
          ना खुदगर्जी की हो आदत।
          नाइंसाफी  और  जुल्म  से,
          दे लड़ने की सबको ताकत।
भाईचारे की खुशबू से,
महके ये संसार प्रभू ।
बहा ज्ञान की गंगा निर्मल,
बरसा जग में प्यार प्रभू ।
         नेक  इरादे  नेक  नज़र दे।
        लोकलाज का सबको डर दे।
         बदले  की ना  रहे भावना,
         क्षमा सभी के मन में भर दे।
ना मज़हब की ना सरहद की,
रहे  कहीं  तकरार  प्रभू ।
बहा ज्ञान की गंगा निर्मल,
बरसा जग में प्यार प्रभू।
            – सुरेन रावत
             संपादक:  पर्वतांचल 
( सभी शुभचिंतकों को नववर्ष की शुभकामनाएं ! )