Home Home अब नौनिहालों के मुंह तक जा पहुंचा है आंचल दूध

अब नौनिहालों के मुंह तक जा पहुंचा है आंचल दूध

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हल्द्वानी। प्रदेश के सभी 22 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना के अंतर्गत सप्ताह में दो दिन, मंगलवार व शुक्रवार को आँचल का सुगन्धित व पौष्टिक दूध पिलाया जा रहा है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि बच्चे कुपोषण का शिकार न हों। यूसीडीएफ लि. के प्रबन्ध निदेशक व डेरी विकास विभाग के निदेशक प्रकाश चन्द्र ने रविवार को यहां एक पत्रकार वार्ता में यह दावा किया। उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के पशुओं के लिए विभाग पौष्टिक व गुणवत्तायुक्त आहार रुद्रपुर की निर्माणशाला में तैयार करा रहा है जिसे क्वालिटी मार्क प्रमाणपत्र प्राप्त है। गुणवता के आधार पर क्वालिटी मार्क प्राप्त करने वाला आँचल पशु आहार तैयार करने वाला उत्तराखंड, देश का 13 वां राज्य है। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर की निर्माणशाला में बनने वाले पशु आहार की प्रतिदिन क्षमता 100 मीट्रिक टन है, जिसकी आपूर्ति प्रदेश के सभी जनपदों में समितियों के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आँचल पशु आहार में यूरिया का प्रयोग पूर्णरूप से प्रतिबंधित है। उनका कहना था कि आँचल पशु आहार खाने वाले दुधारू पशु स्वस्थ रहने के साथ ही भरपूर दूध भी देते हैं। इसीलिए दुधारू पशुओं को गुणवत्तायुक्त आहार ही खिलाना चाहिए।
पॉलीथिन के प्रयोग पर हाईकोर्ट के पूर्ण प्रतिबन्ध के बावजूद पॉलीथिन पैक में दूध के वितरण पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में वहां मौजूद विभागीय अधिकारियों का कहना था कि आँचल दूध के ख़ाली पॉलीथिन पैक वापस लेने के लिए पूर्व में चलाई गई योजना पर विचार किया जा रहा है , जल्द ही विभाग इस पर कोई ठोस निर्णय लेगा। उनका कहना था कि कोर्ट की गाइडलाइन पर विभाग गम्भीर है।