Home Home नदियों को पुनर्जीवित करने को लेकर मुख्यमंत्री हुए गंभीर

नदियों को पुनर्जीवित करने को लेकर मुख्यमंत्री हुए गंभीर

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*पुनर्जीवीकरण अभियान में तेजी लाने के अफसरों को दिए सख्त निर्देश

देहरादून – मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रिस्पना एवं बिन्दाल नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिये किये जा रहे प्रयासों में तेजी लाने को कहा है। उन्होंने इसके लिये कार्यदायी संस्था के चयन को अन्तिम रूप प्रदान करने के साथ ही योजना के क्रियान्वयन से सम्बन्धित औपचारिकतायें 15 दिन में पूर्ण करने के भी निर्देश दिये हैं।
शुक्रवार को सचिवालय में रीवर फ्रन्ट डेवलपमेंट योजना से सम्बन्धित बैठक में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि रिस्पना व बिन्दाल नदियों का पुनर्जीवित होना इन नदियों के साथ ही देहरादून के भी व्यापक हित में है। इससे सामाजिक सुरक्षा के साथ ही नदी क्षेत्रों के स्वरूप में भी बदलाव आयेगा। उन्होंने कहा कि इन नदियों को उसके पुराने स्वरूप में लाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इससे देहरादून के पर्यावरण में भी हम सुधार ला सकेंगे। उन्होंने इसके लिये समेकित प्रयासों की भी जरूरत बतायी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पीएसयू के साथ ज्वाइंट वैंचर के माध्यम से संचालित किये जाने वाली इस योजना के सम्बन्ध में तैयार की गई डीपीआर के आधार पर कार्यदायी संस्था के चयन को अंतिम रूप देने के साथ ही संचालन प्रक्रिया में विभिन्न विभागों द्वारा सम्पादित की जाने वाली कार्यवाही आदि को 15 दिन के अन्दर पूर्ण कर लिया जाय। उन्होंने सामाजिक महत्व की इस योजना में साबरमती रीवर फ्रंट के अधिकारियों का भी सहयोग लेने को कहा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लम्बे समय से इस योजना पर कार्य किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। दो साल के अन्दर इन नदियों का पुनर्जीवीकरण हो इस दिशा में गम्भीरता से कार्य किया जाय। उन्होंने कहा कि इस योजना से इन नदियों में पानी का निरन्तर प्रवाह बनेगा । इनके सौन्दर्यीकरण से देहरादून का भी सौन्दर्य बढ़ेगा तथा पर्यावरण भी सुरक्षित होगा।
मुख्यमंत्री ने बैठक में देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी भूमि के चिन्हीकरण तथा उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे लैंड बैंक बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने देहरादून के आसपास स्प्रीचुअल इकोनोमिक जोन विकसित करने की दिशा में भी पहल के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। बैठक में उपाध्यक्ष एमडीडीए आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि कार्यदायी संस्था के चयन के लिये तीन बार बिड आमंत्रित की गयी थी। तीनों बार एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड (नेशनल बिल्डिंग कन्सट्रक्शन काॅरपोरेशन लिमिटेड) से ही प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कार्यों में रिस्पना के आस-पास 1.2 किलोमीटर व बिन्दाल के 2.2 किलोमीटर क्षेत्र में रिवर फ्रन्ट डेवलपमेन्ट के तहत चैनलाइजेशन व जन सुविधाओं व सड़कों का निर्माण, निर्धनों के लिए आवास निर्माण, पार्किंग व्यवस्था व रिवर फ्रन्ट एरिया के सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जाना शामिल है।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव न्याय प्रेम सिंह खिमाल, सचिव नितेश झा, शैलेष बगौली, सुशील कुमार, अपर सचिव विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी देहरादून सी. रवि शंकर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।