Home उत्तराखंड कामकाज: लोक योजना अभियान के तहत विभागीय  कार्मिकों के लिए कार्यशाला 

कामकाज: लोक योजना अभियान के तहत विभागीय  कार्मिकों के लिए कार्यशाला 

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नई टिहरी- लोक योजना अभियान ’सबकी योजना सबका विकास’ के अन्तर्गत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा ग्राम पंचायत के विकास में ग्रामीणों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विकास भवन स्थित सभागर में एक वृहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डाॅ. वी. षणमुगम व मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक रुहेला ने 2 लोक योजना रथों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। लोक योजना रथों द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए रूट चार्ट भी निर्धारित किया गया है। इनके माध्यम से पूरे जनपद में  ऑडिओ एवं प्रचार-प्रसार सामग्री के माध्यम से आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी ताकि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार की जा सके।
सोमवार को विकास भवन स्थित बहुद्देश्यीय भवन में लोक योजना अभियान ’सबकी योजना सबका विकास’ के तहत मिशन अंत्योदय सर्वे को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों, क्षेत्रीय कर्मचारियों व सर्वे दलों को निर्देश दिये कि अभियान की सफलता ही ग्राम पंचायतों के विकास का रास्ता प्रशस्त करेंगी। उन्होंने अभियान के अन्तर्गत आने वाले सभी रेखीय विभागों को निर्देश दिये कि 02 दिसम्बर 2019 से 02 मार्च 2020 तक चलने वाले मिशन अन्त्योदय सर्वे कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत की खुली बैठकों का आयोजन करें जिसमें गांव के जनप्रतिनिधि एवं सभी वर्गों के लोक/आमजन उपस्थित हों। ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाली इन खुली बैठकों में यदि कौरम पूरा नहीं होता है तो बैठक को स्थगित कर अगली तिथि निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि लोक योजना अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाली बैठकों में सभी लाईन डिपार्टमेंट के अधिकारी, क्षेत्रीय कर्मचारी एवं सर्वे दल उपस्थित रहेंगे। जो मिशन अंत्योदय सर्वे एप के माध्यम से ग्राम स्तर पर उपलब्ध संसाधनों/सुविधाओं एवं ग्रामीणों के सुझावों को मोबाईल ऐप अन्त्योदय पर संकलित करेंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत को वित्तीय रूप से सशक्त एवं प्रगतिशील बनाना है और यह तभी सम्भव है जब जीपीडीपी में ग्रामवासियों की प्रत्यक्ष भागीदारी हो। इस अभियान के दौरान सभी रेखीय विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित बैठकों में दी जायेगी ताकि ग्रामीण योजनाओं की जानकारी एवं गाॅव में संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार ग्रामपंचायत के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार कर सके।
कार्यशाला में बताया गया कि मिशन अंत्योदय सर्वेक्षण के दौरान 29 विषयों पर एक प्रश्नावली तैयार की गयी है। शामिल विषयों में कृषि, भूमि सुधार और लघु सिंचाई, पशुपालन, मछली पालन, ग्रामीण आवास, पेयजल, सड़कें, ग्रामीण विद्युतीकरण, गैर पारंपरिक ऊर्जा, सामुदायिक संपत्ति का रखरखाव, ईंधन और चारा, पुस्तकालय, सांस्कृतिक क्रियाकलाप, वित्तीय और संचार अवसंरचना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, बाजार और मेले, स्वास्थ्य और स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण, परिवार कल्याण, कमजोर वर्गों का कल्याण, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, खादी/कुटीर उद्योग, सामाजिक वानिकी, लघु वन उपज, लघु उद्योग, वयस्क और गैर औपचारिक शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा, सुशासन तथा जल प्रबंधन और दक्षता है। मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यशाला में उपस्थित समस्त अधिकारियों को अन्त्योदय सर्वे के महत्व के बारे में बताया कि सर्वे में पारदर्शिता का होना अति आवश्यक है। सर्वे से प्राप्त आंकड़े जहाॅ योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक सिद्व होंगे वहीं ग्रामपंचायतों को उनकी आवश्यकतानुसार योजनाओं का लाभ मिल सकेेगा जो ग्रामपंचायत के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। कार्यशाला में उपस्थित कर्मचारियों/सर्वे दलों को मिशन अंत्योदय मोबाईल ऐप को संचालित करने के सम्बन्ध में भी प्रोजेक्टर के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर डीएफओ कोको रोसे, डीडीओ आनन्द सिंह भाकुनी, उपजिलाधिकारी फिंचाराम चौहान, डीपीआरओ रणवीर सिंह असवाल, एसीएमओ डाॅ मनोज जैन, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डाॅ पीएस रावत, एडी मत्स्य अल्पना हल्दिया, सेवायोजन अधिकारी विक्रम, समाज कल्याण अधिकारी अविनाश भदौरिया के अलावा खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, क्षेत्रीय कर्मचारी उपस्थित थे।