Home Home आबादी रोकने के लिए उल्टा चलते हैं पति-पत्नी

आबादी रोकने के लिए उल्टा चलते हैं पति-पत्नी

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देहरादून – अब तक 150 से अधिक शहरों में पदयात्रा कर चुके मेरठ के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश तलवार व उनकी पत्नी दिशा तलवार शुक्रवार को अपनी यात्रा के तहत देहरादून पहुंचे । पिछले 25 सालों से उल्टा चल कर जनसंख्या नियंत्रण की मुहिम चलाने वाले तलवार दंपत्ति अब तक करीब 80,000 पोस्टकार्ड और करीब 6000 ज्ञापन पिछले 25 सालों के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखते आ रहे हैं और आज भी इस अभियान को लेकर दोनों पति-पत्नी देश भ्रमण पर निकले हैं। दिनेश तलवार व दिशा तलवार 1994 से इस अभियान को चला रहे हैं । वह जिस शहर में भी जाते हैं, वहां उल्टी पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हैं। वे खाली पोस्टकार्ड्स जनता को देते हैं और बढ़ती जनसंख्या से होने वाली हानियां देश के प्रधानमंत्री तक पत्र में लिख कर पहुंचाने का अनुरोध करते हैं । इसके अतिरिक्त विभिन्न शहरों में पदयात्रा के बाद वहाँ के जिलाधिकारी के माध्यम से भी देश के प्रधानमंत्री को पत्र भेजते हैं ।
परंतु दुर्भाग्य से हजारों की संख्या में पत्र भेजने के बाद भी आज तक किसी भी राजनीतिक दल और नेता ने उनके किसी भी पत्र पर गंभीरता नहीं दिखाई है । 1994 से प्रारंभ किए गए इस अभियान को उनके परिवार का पूरा समर्थन है । उनकी बिटिया सिमरन तलवार और बेटा यश तलवार इस मुहिम में हमेशा उनके साथ होते हैं।
दिशा तलवार का कहना है कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें आशा है कि वह उनकी बात को गंभीरता से लेंगे। दिशा तलवार कहती हैं कि 1994 से लेकर अब तक उन्होंने देश के हर प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा परंतु आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया ।
तलवार दंपति का कहना है कि जिस देश में 1 मिनट में 42 बच्चे पैदा होते हों और रोजाना 61000 बच्चों का जन्म होता हो, उस देश का भविष्य कैसा होगा ? यह चिंता का विषय है, जिस पर चिंता और चिंतन सरकार कभी नहीं करती । आजादी के वक्त आबादी 33 करोड़ थी और आज 136 करोड़ को पार कर गई है। जिस दिन से देश के प्रधानमंत्री मोदी ने शपथ ली है उस दिन से दिशा तलवार व दिनेश तलवार रोजाना देश के प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखते आ रहे हैं। तलवार दंपति के मुताबिक यह अभियान 365 दिन तक चलेगा। इसके अतिरिक्त अब तक 150 शहरों में पदयात्रा कर चुके तलवार दंपत्ति देश के 365 शहरों की की पदयात्रा करेंगे और लोगों से अपील करेंगे कि वह देश के प्रधानमंत्री को जनसंख्या वृद्धि पर पत्र लिखें। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर सरकार जनसंख्या दिवस क्यों नहीं मनाती ? जनसंख्या वृद्धि पर कार्य करने वालों को कोई पुरस्कार क्यों नहीं देती? आरटीआई के माध्यम से दिनेश तलवार ने जाना कि 1992 में 97 वां संशोधन बिल नरसिम्हा राव की सरकार में बना था जिसमें प्रस्तावित किया गया था कि चुनाव वही लड़ सकेगा जिसके 2 बच्चे होंगे। परंतु आज तक वह बिल संसद में पेश नहीं किया गया । आजादी के बाद किसी भी प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर जनसंख्या नियंत्रण की बात कभी नहीं कहीं। कभी उल्टा चलकर, कभी बसों में चढ़कर या किसी भी चौराहे पर जनजागरूकता का प्रयास करते करते अब उनको यह लगता है कि इस मिशन पर सरकार कतई गंभीर नहीं है। कभी कभी वह हार भी मान जाते हैं। परंतु यह दंपत्ति इस उम्मीद के साथ फिर से अपने अभियान को शुरू कर देता है कि वर्तमान प्रधानमंत्री शायद उनकी बातों को कुछ गंभीरता से लेंगे।
वह कहते हैं चीन की तरह यहां भी ऐसी जनसंख्या नीति पर विचार हो जिसमें वही व्यक्ति चुनाव लड़ने के योग्य हो , जिसके 2 बच्चे हों। इसके साथ ही जनसंख्या अधिकारी की नियुक्ति भी होनी चाहिए। पाठ्यक्रम में बढ़ती जनसंख्या से होने वाली हानियां बताई जाएं। तलवार दंपति के मुताबिक और भी ना जाने कितने ही सुझाव इस देश के महान नेताओं को भेजे जा चुके हैं परंतु आज तक सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी आंखें बंद कर रखी हैं । मेरठ निवासी दिनेश तलवार व दिशा तलवार पेशे से इंश्योरेंस का काम करते हैं और रोजाना एक पत्र देश के प्रधानमंत्री को लिखना उनकी आदत हो गई है। कई बार सत्याग्रह कर चुके हैं और कभी मानव श्रृखंला बना कर और कभी उपवास, नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन जैसे अनेकों माध्यम से जनता को जागरूक कर चुके हैं। उनका कहना है कि जागरूकता करते करते भी 33 करोड़ से 136 करोड़ हो गए, आखिर सरकार कब इस मुद्दे पर गंभीर होगी और कोई नियम बनाएगी ? दंपति का यह भी कहना है कि उन्होंने अब तक करीब 4 करोड़ लोगों को जागरूक किया परंतु आबादी की रफ्तार बढ़ती ही जा रही है। साथ ही उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जाने कहां खो गए हैं वे नारे ? ‘हम दो हमारे दो’ , ‘छोटा परिवार सुखी परिवार’ जैसे स्लोगन भी अब दीवारों और बसों पर लिखे हुए नजर नहीं आते। देश के अधिकांश नेताओं को इस मुद्दे पर भी वे पत्र लिख चुके हैं। तलवार दंपति ने देहरादून के गांधी पार्क में उल्टी पदयात्रा की और उसके बाद उनका यह कारवां देहरादून से चल कर दिल्ली में जंतर मंतर पर जाकर समाप्त होगा ।