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दुनिया के कोने कोने तक पहुंचेगी डॉ. अर्पणा रावत की सुरीली आवाज़

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कोटद्वार – गढ़वाली बोली-भाषा को बढ़ावा देने के लिए हमेशा से प्रयास होते आ रहे हैं। इस अभियान में कई तरह के प्रयोग भी होते रहे हैं। पिछले दिनों श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र के एक शिक्षक संदीप रावत ने गढ़वाली प्रार्थना की रचना की जिसे छात्र छात्राओं द्वारा विद्यालय में प्रतिदिन गाया जाता है। इसी कड़ी में अब एक और नाम जुड़ गया है, कोटद्वार की डाॅ. अर्पणा रावत का। देश- विदेश में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी बोली भाषा से जोड़े रखने व आने वाली पीढ़ी को अपनी भाषा की जानकारी देने के लिए डॉ. अर्पणा रावत ने एक सराहनीय प्रयास किया है। पौड़ी जनपद के अंतर्गत दुगड्डा ब्लॉक के इंटर कॉलेज दियुला पोखाल में सेवारत डॉ. अर्पणा ने गढ़वाली प्रार्थना ‘तेरी वंदना’ की रचना की है। इस प्रार्थना में स्वर भी डॉ.अर्पणा रावत ने ही दिया है जबकि संगीत कोटद्वार निवासी प्रणव रावत ने दिया है।इस गढ़वाली वंदना को स्थानीय व प्रवासी उत्तराखंडियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इसे यूट्यूब पर लांच किया गया है। इसका विमोचन करुणामयी माता मंगला व प्रेरणाश्रोत भोले जी महाराज की संस्था हंस फाउंडेशन के नजीबाबाद रोड, कोटद्वार स्थित प्रदेश कार्यालय में फाउंडेशन के उत्तराखंड प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट (टेगू भाई)द्वारा किया गया। उन्होंने डॉ. अर्पणा के इस प्रयास को गढ़वाली भाषा के लिए बेहतर संभावनाओं का प्रतीक बताया। अपने संबोधन में डाॅ. अर्पणा रावत ने कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा गढ़वाली भाषा को इस सत्र के पाठ्यक्रम में शामिल किये जाने के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. अर्पणा के अनुसार जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा किये गए इस कार्य से न सिर्फ एक भाषा को बल्कि देवभूमि उत्तराखंड को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही लोक निर्माण विभाग जनपद पौड़ी द्वारा भी जगह जगह गढ़वाली भाषा में बोर्ड लगाए जाने से बाहर से आने वाले यात्रियों व पर्यटकों द्वारा हमारी भाषा को पढ़ा जाना भी भाषा को बढ़ावा देने का अच्छा प्रयास है। यह कदम पर्यटकों को देवभूमि की तरफ आकर्षित करने में सहायक सिद्ध होगा। डॉ.अर्पणा ने कहा कि हम सबको मिलकर अपनी बोली भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास करते रहना चाहिए। इस अवसर पर मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी डॉ.अर्पणा रावत के प्रयास की सराहना की।