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अब बिना मान्यता के स्कूल चलाने वालों की खैर नहीं

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कोटद्वार – उत्तराखंड में कुकुरमुत्तों की तरह जगह जगह खुले प्राइवेट स्कूलों की अब शामत आने वाली है. टिहरी के कंगसाली में हुई स्कूली वाहन दुर्घटना में 9 बच्चों की मौत से दुखी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की कड़ी फटकार के बाद शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों की मान्यता को लेकर गहन पड़ताल शुरू कर दी है. पौड़ी जनपद के दुगड्डा ब्लॉक के ऐसे दर्जनों स्कूल जाँच के दायरे में आ गए हैं. प्रारंभिक जाँच में
18 प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चलते हुए पाए गए हैं. उप शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा दुगड्डा ने इन सभी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस भेज कर उनसे जवाब माँगा है.उप शिक्षा अधिकारी के मुताबिक इन स्कूलों की मान्यता हेतु कोई भी पत्रावली उनके कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है.ये सभी स्कूल या तो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं या पूर्व में दी गयी मान्यता की अवधि खत्म हो चुकी है.उन्होंने ऐसे सभी स्कूलों को और उनके द्वारा बच्चों की आवाजाही के लिए लगाए गए वाहनों को तत्काल बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं.उप शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी है कि जाँच कि दौरान कोई भी स्कूल बिना मान्यता के चलता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ न केवल पुलिस में एफ आई आर दर्ज़ कराई जाएगी बल्कि अनुबंध दरों के हिसाब से प्रतिदिन का दंडात्मक शुल्क भी वसूला जायेगा. उप शिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ल के अनुसार कोटद्वार के भगवाना देवी शिक्षा निकेतन नजीबाबाद रोड, बाल शिक्षा निकेतन काशीरामपुर, वीवीएसएन पब्लिक स्कूल मानपुर, ऋषि बाल शिक्षा निकेतन लालपानी, बाल विद्या निकेतन पदमपुर, बाल शिक्षा निकेतन विकासनगर ,चंद्रज्योति पब्लिक प्राइमरी स्कूल, महरा ज्ञानवृक्ष पब्लिक स्कूल मानपुर, सरस्वती विद्या मंदिर कालाबड़, शांति इंटरनेशनल स्कूल दुर्गापुर, बलूनी पब्लिक स्कूल नजीबाबाद रोड, माँ धारीदेवी पब्लिक स्कूल बालासौड़, सरस्वती शिशु मंदिर नालीखाल,सरस्वती शिशु मंदिर पौखाल और एमकेवीएन स्कूल शिब्बूनगर को कारण बताओ नोटिस जारी किये गए हैं.