Home उत्तराखंड दुखद: वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार सुरेंद्र पुंडीर नहीं रहे

दुखद: वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार सुरेंद्र पुंडीर नहीं रहे

52
0

देहरादून – वरिष्ठ पत्रकार, कवि-साहित्यकार, सेवानिवृत शिक्षक व उत्तरांचल प्रेस क्लब के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे सुरेंद्र पुंडीर का आज सुबह 8 बजे मसूरी में निधन हो गया। वे करीब 64 वर्ष के थे। सुरेंद्र भाई कल देहरादून से मसूरी गांधीजी पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और पूर्णतः स्वस्थ थे। आज सुबह अपने मसूरी के लंढौर स्थित घर में हृदयगति रुक जाने से उनका निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा दोपहर 12 बजे मसूरी से हरिद्वार के लिए निकलेगी।
सुरेंद्र भाई मसूरी और देहरादून के साहित्यिक परिवेश के एक जाना पहचाना नाम थे। मसूरी में साहित्यिक संस्था “अलीक” के संस्थापकों में भी वे रहे हैं और उनकी सक्रियता के चलते 1990 के दशक के आखिर तक मसूरी और आसपास अलीक की मासिक साहित्यिक गोष्ठियां नियमित तौर पर होती रहीं। उनकी कुछ पुस्तकें भी प्रकाशित हुईं। प्रदेश में कहीं ही होने वाले साहित्यिक आयोजनों में उनकी मौजूदगी तकरीबन हमेशा रहती थी।
एक पत्रकार के तौर पर सुरेंद्र पुंडीर 1986 में अमर उजाला की शुरुआती टीम के साथ मसूरी से संवाददाता के तौर पर जुड़े और लम्बे समय तक सक्रिय रहे। बाद में मसूरी टाइम्स समेत कुछ अन्य पत्रों से भी उनका जुड़ाव रहा। 1994 में जब दून (उत्तरांचल) प्रेस क्लब की स्थापना हुई तो वे उसके संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। प्रेस क्लब की शुरुआती कार्यकारिणी में मसूरी से वे कार्यकारिणी सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने जौनपुर ब्लाक स्थित इंटर कॉलेज घोड़ाखुरी में कर डेढ़ दशक तक अध्यापक के तौर पर भी कार्य किया। अभी 3-4 साल पूर्व ही वे वहां से सेवानिवृत हुए। मसूरी के अलावा वे काफी समय से देहरादून में भी रह रहे थे। हर छोटे-बड़े को “गुरुजी” कह कर सम्बोधित करने वाला उनका खास अंदाज मसूरी से लेकर देहरादून और यहां से बाहर भी उन्हें जानने वालों के बीच उनकी खास पहचान बना था। सहज, सरल, सौम्य, ईमानदार और परिश्रमी सुरेंद्र भाई को नमन…