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शर्मनाक: कल्कि भगवान पर आयकर छापा, 500 करोड़ की अघोषित संपत्ति मिली

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नई दिल्ली-  आध्यात्म के नाम पर अथाह संपत्ति अर्जित करने वाले स्वयंभू कल्कि भगवान आखिर इनकम टैक्स विभाग के लपेटे में आ ही गए । खुद को कल्कि भगवान बताने वाले आध्यात्मिक गुरु और कल्कि आश्रम के संचालक के कई ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की। आयकर अधिकारियों के अनुसार 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का कालाधन सामने आया। 16 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में आयकर विभाग ने कल्कि आश्रम पर छापेमारी की। आयकर विभाग को जानकारी मिली थी कि यह संस्था अपनी कमाई को छिपा रही है।गौरतलब है कि आयकर विभाग ने 18 करोड़ रुपये के अमेरिकी डॉलर, 88 किलो सोने के जेवरात (26 करोड़ रुपये) 1271 कैरेट हीरे (कीमत 5 करोड़ रुपये) जब्त किए। छापेमारी में सामने आया है कि आध्यात्म और दर्शन के ट्रेनिंग प्रोग्राम और कोर्स चलाने वाला यह संस्थान विदेशों में भी निवेश कर चुका है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी इस संस्था ने जमीनें खरीदी हैं। इस संस्था से जुड़ने वालों में कई विदेशी भी शामिल हैं। कई कंपनियां चीन, अमेरिका, सिंगापुर और यूएई में भी हैं। इन्हें भारत में होने वाले वेलनेस कोर्सेज के लिए विदेशों से भी पैसे मिलते हैं। जांच में पता चला कि इस आश्रम के खातों में अनियमितता तो थी ही इसके पास बेहिसाब संपत्ति का भी खजाना था।   इस आश्रम के संचालक का नाम विजय कुमार (70) है। यह शख्स कभी एलआईसी में क्लर्क था। विजय कुमार खुद को भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि बताता है। 1980 में उसने जीवाश्रम नाम की संस्था बनाई जो आध्यात्म के नाम पर शुरू होकर रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, स्पोर्ट्स आदि चीजों में देश-विदेश में निवेश करती है। इस आश्रम को संस्थापक विजय कुमार अपनी पत्नी और बेटे एनकेवी कृष्णा के साथ मिल कर चलाता है।