Home उत्तराखंड शासन की अनदेखी का दंश झेल रहा है सरकारी इंटर कालेज

शासन की अनदेखी का दंश झेल रहा है सरकारी इंटर कालेज

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रघुवीर नेगी 

जोशीमठ। शासन की अनदेखी का खामियाजा यहां के  उत्र छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।उर्गमघाटी के तकरीबन 20 गांवों  के लिए माध्यमिक शिक्षा का एकमात्र केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज उर्गमघाटी का मुख्य भवन 6 साल से नहीं बन सका है। वर्ष 2012 – 13 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज भी अधर में लटका हुआ है। स्थिति यह है कि इंटर मीडिएट के सीनियर छात्रों की   कक्षाएं 1962 के जमाने में बने जूनियर हाई स्कूल के भवन पर संचालित हो रही हैं। इस भवन की स्थिति भी ऐसी है कि कभी भी ढहकर किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। बरसात में इस भवन की छत टपकती रहती है, जिससे छात्रों को पाठन पठन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 
293 छात्र संख्या वाले  इस काॅलेज में गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रक्तताओं के पद रिक्त चल रहे हैं। विद्यालय में लम्बे समय से प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त पड़ा है। वर्षो से ग्रामीण अध्यापकों एवं मुख्य भवन का निर्माण पूरा कराए जाने की मांग कर रहे हैं। अध्यापक न होने के कारण जहां छात्रों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है, वहीं पिछले  वर्ष 11 और इस वर्ष 30 बच्चों ने शहरों की ओर पलायन कर दिया है।
उत्तराखंड में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को ढर्रे पर लाने के सरकार लाख दावे क्यों न करे लेकिन हकीकत में पहाड़ के स्कूल आज भी सरकारों की घोर उदासीनता का दंश झेल रहे हैं।