Home उत्तराखंड विधायक जी, बिना एसडीएम के कब तक चलेगा पोखरी ब्लाॅक…?

विधायक जी, बिना एसडीएम के कब तक चलेगा पोखरी ब्लाॅक…?

52
0


नीरज कंडारी
पोखरी- बहत्तर ग्राम सभाओं वाला चमोली जनपद का सबसे बड़ा ब्लाॅक नागनाथ पोखरी लंबे अरसे से सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है। क्षेत्र में आज भी मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव यहां के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की दुश्वारियों का बढ़ा रहा है।दरअसल पोखरी तहसील की स्थापना तब हुई थी, जब उत्तराखण्ड राज्य उत्तरप्रदेश में हुआ करता था। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने इस तहसील की घोषणा कर उसे अमलीजामा पहनाया था, किन्तु उसके बाद से यहां उपजिलाधिकारी की तैनाती–बोरी बिस्तर बाँध के, एस डीएम सुबह शाम के, जैसी स्थिति बनी रही। आलम यह है कि 2 साल बीत गए हैं पर इस तहसील में एसडीएम का पद अब तक रिक्त चल रहा है। हालांकि यहां का चार्ज कर्णप्रयाग के एसडीएम के पास है, जो सप्ताह में एक दिन यहां बैठते हैं ।
वहीं दूसरी ओर, तहसीलदार का पद भी 1 साल से रिक्त पड़ा हुआ है। जिसके चलते आम जनमानस को अपने दस्तावेजों को तैयार करवाने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी पोखरी ब्लॉक की अव्वल रही है। यहां से कई नेता ऊभरे हैं, जो कई बार सत्ता में मंत्री भी रहे। लेकिन पोखरी की स्थिति में तब भी कोई बदलाव नहीं आया है।
वहीं दूसरी ओर बद्रीनाथ विधायक का गृह क्षेत्र होने के बावजूद विधायक महेंद्र भट्ट ने भी इस क्षेत्र के विकास के लिए चुप्पी साधी हुई है। ऐसे में नेताओं से तो इस क्षेत्र के विकास की उम्मीद करना बेवकूफी जैसी है। बहरहाल इस स्थिति को बदलने और क्षेत्र के विकास के लिए अब जनता को ही उठ खड़ा होना पड़ेगा।