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पुराने इश्क के फेर में पड़ी, न घर की रही न घाट की…

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रुड़की- भारतीय समाज में  बहुत पुरानी कहावत प्रचलित है-‘धोबी का कुत्ता, घर का रहा न घाट का’ । यह कहावत सुल्तानपुर की उस विवाहिता पर सटीक बैठती है जो पति से तलाक लेकर पहले से शादीशुदा प्रेमी के साथ चली गई। परंतु तीन दिन बाद ही प्रेमी ने उसे घर से निकाल दिया। विवाहिता पहले पति के पास आई तो उसने भी बिना हलाला रखने से इंकार कर दिया। जिंदगी  के दोराहे पर तन्हा आ खड़ी हुई विवाहिता ने अब मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर प्रेमी की शिकायत की है। लकसर कोतवाली के सुल्तानपुर निवासी युवक का निकाह नौ साल पहले सहारनपुर जनपद के एक गांव में हुआ था। शादी से पहले ही उसकी पत्नी के गांव के युवक से प्रेम संबंध थे। शादी के बाद पति से उसके दो बच्चे भी हो गए। इस दौरान प्रेमी की भी शादी हो गई। बीच में प्रेमी ने दो चार बार उससे बात करने की कोशिश की, पर विवाहिता ने मना कर दिया।

इस पर प्रेमी ने चाकू से अपने सीने पर प्रेमिका का नाम लिखा और इसकी वीडियो बनाकर विवाहिता के मोबाइल पर भेज दी। वीडियो को देखकर विवाहिता पिघल गई और प्रेमी के साथ दोबारा से बातचीत करनी शुरू कर दी। प्रेमी के चक्कर में पड़कर पिछले दिनों उसने अपने पति से तलाक ले लिया और प्रेमी युवक के पास रहने चली गई। परंतु वहां प्रेमी की पहली पत्नी के साथ उसका झगड़ा होने लगा। इस पर प्रेमी ने तीन दिन बाद ही उसे रखने से इंकार कर घर से निकाल दिया। मजबूर विवाहिता वापस अपने पहले पति के पास सुल्तानपुर लौट आई, परंतु तलाक हो जाने के कारण पहले पति ने भी हलाला कराए बिना उसे बतौर पत्नी अपने साथ रखने से मना कर दिया। हालांकि विवाहिता अभी भी अपने पहले पति के मकान में ही रह रही है। अब उसने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को शिकायती पत्र भेजकर प्रेमी पर धोखा देने का आरोप लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।